विज्ञापन के जरिए वकालत करने वालों पर बार काउंसिल सख्त, कई के खिलाफ कार्रवाई
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इन वकीलों को बार काउंसिल द्वारा लिखे पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि इस तरह के विज्ञापन जारी करना अधिवक्ता अधिनियम के तहत स्वीकार्य नहीं है। बीसीडी ने अधिवक्ता अधिनियम के तहत इन वकीलों को कदाचार के लिए नोटिस भी जारी किए हैं।
बीसीडी अध्यक्ष केसी मित्तल ने कहा कि कुछ वकील विज्ञापन जारी करके कानूनी पेशे को बदनाम कर रहे हैं, इसपर रोक है और यह अनैतिक भी है। बीसीडी उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार एक अधिवक्ता प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कार्य या विज्ञापन नहीं करेगा। उनके साइनबोर्ड या नेमप्लेट आकार में उचित होने चाहिए। साइनबोर्ड या नेमप्लेट या स्टेशनरी पर यह लिखा नहीं होना चाहिए कि वह किसका सहयोगी है या किसके साथ संबद्ध है।
इसका भी उल्लेख नहीं होना चाहिए कि वह किसी भी व्यक्ति या संगठन, किसी विशेष मामले, किसी विशेष प्रकार के विशेषज्ञ हैं या वह एक न्यायाधीश या महाधिवक्ता रहे हैं। बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा अनुमोदित जानकारी ही सार्वजनिक की जा सकती है।
Bar Council takes action against advocates, NGOs soliciting professional work through advertisements
— ANI Digital (@ani_digital) October 29, 2019
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