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बार काउंसिल का बड़ा कदम: फर्जी दावों को लेकर कदाचार में लिप्त उत्तर प्रदेश के 28 वकीलों को निलंबित किया
Mon, 22 Nov 2021 09:28 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 22 Nov 2021 09:28 PM IST
सार
फर्जी दावों के मामले दाखिल करने वाले उत्तर प्रदेश के 28 वकीलों पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने निलंबन की गाज गिराई है।
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बार काउंसिल ऑफ इंडिया
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अधिवक्ताओं के शीर्ष निकाय बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने उत्तर प्रदेश में अपने 28 अधिवक्ताओं को निलंबित कर दिया है। बीसीआई ने सोमवार को बताया कि उसने यह कदम इन अधिवक्ताओं की ओर से फर्जी दावे दाखिल करने के लिए कदाचार करने के आरोप में उठाया है। इन अधिवक्ताओं ने ये दावे मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण और कामगार मुआवजा अधिनियम के तहत दाखिल किए थे।
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बीसीआई ने यह फैसला संबंधित मामलों में दाखिल एफआईआर और आरोपपत्रों में अधिवक्ताओं के नाम सामने आने के बाद 19 नवंबर को आयोजित हुई एक बैठक में लिया था। काउंसिल के प्रमुख मनन कुमार मिश्रा ने एक प्रेस विज्ञप्ति में इसे लेकर कहा कि सभी 28 अधिवक्ताओं पर लगाया गया यह निलंबन तब तक जारी रहेगा जब तक संबंधित अधिवक्ताओं के खिलाफ चल रही कार्यवाही पूरी नहीं हो जाती है।
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मिश्रा ने कहा कि बीसीआई ने उत्तर प्रदेश राज्य बार काउंसिल को भी निर्देश दिया है कि इन अधिवक्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की शुरुआत की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य परिषद को तीन महीने के अपनी अंदर जांच पूरी करने और रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी 16 नवंबर को इस मुद्दे को गंभीरता से लिया था और उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को जमकर फटकार लगाई थी।
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