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चार्टर्ड प्लेन से जब्त 3.5 करोड़ को 'काले से सफेद' करने की थी तैयारी

Thu, 24 Nov 2016 08:32 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला
टीम डिजिटल / अमर उजाला Updated Thu, 24 Nov 2016 08:32 PM IST
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Banned notes worth Rs 3.5 crore flown from Hisar for make them white

नागालैंड में मंगलवार को एक प्राइवेट चार्टर्ड प्लेन में एक व्यवसायी से 3.5 करोड़ रूपए के पुराने नोटों वाला बैग जब्त किया गया था। इस मामले में नया खुलासा हुआ है कि इस काले धन को सफेद करने के लिए हिसार से दीमापुर भेजा गया था। 

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जांच में पता चला है कि बिहार का रहने वाला व्यवसायी अमरिंदर सिंह हिसार से इस काले धन को दीमापुर लाकर सफेद करने की फिराक में था। इस काम में अनंतो जिमोमी उसकी मदद कर रहा था। वह केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के प्रभाव में आने के बाद से ही नागालैंड में अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर काले धन को सफेद करने में लगा हुआ है।
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जांच में यह भी सामने आया है कि उसने यह रकम अमरिंदर को हरियाणा में जमीन खरीदने के लिए दी थी, लेकिन सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद वह जमीन नहीं खरीद पाने की वजह से रकम को वापस दीमारपुर लाने को कहा था। 
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आपको बता दें कि बीते मंगलवार को हरियाणा के हिसार से चार्टर्ड प्लेन से नागालैंड लाए गए पुराने नोट वाले 3.5 करोड़ जिस नाटकीय अंदाज में गुम हो गए थे जिसके बाद अब उतने ही नाटकीय अंदाज में मिल भी गए थे।  500 और 1000 के पुराने नोट भरे बैग को मंगलवार को दीमापुर से जब्त से किया गया था जो इसके बाद गुम हो गया था। 

रकम दावेदार नागा बिजनेसमैन अनंतो जिमोमी को सौंप दी गई

Banned notes worth Rs 3.5 crore flown from Hisar for make them white

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, नागालैंड पुलिस चीफ एलएल डोंगेल ने बताया  था कि, 'सीआईएसएफ द्वारा जब्त की गई रकम आयकर विभाग को सौंप दी गई थी। आयकर विभाग ने यह रकम इसके दावेदार नागा बिजनेसमैन अनंतो जिमोमी को सौंप दी, जिन्होंने अपना आयकर छूट का प्रमाणपत्र पेश किया था।'
 
बता दें कि जिमोमी निफियू रियो के दामाद हैं। रियो राज्य के एकमात्र लोकसभा सांसद हैं और केंद्र में एनडीए सरकार के सहयोगी भी हैं। मंगलवार को जब दीमापुर से 3.5 करोड़ रुपए पकड़े गए तो सनसनी मच गई थी। इससे साफ हो गया था कि कुछ लोग पूर्वोत्तर के लिए बने कुछ खास कानूनों का लाभ उठाकर काले धन को सफेद करने की कोशिश में जुटे हैं।

दरअसल आयकर कानूनों में अलग-अलग श्रेणियां बनाई गई हैं। इन आयकर श्रेणियों के हिसाब से कुछ विशेष वर्गों को करों में छूट का प्रावधान है। पूर्वोत्तर राज्यों नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में अनुसूचित जनजाति के लोगों को आयकर से छूट मिली हुई है। 

जिन लोगों को आयकर से छूट मिली हैं उनमें असम के उत्तरी कचार पहाड़ी क्षेत्र और मिकिर पहाड़ी क्षेत्र, मेघालय के खासी, गारो पहाड़ियां और जयंतिया हिल्स, जम्मू-कश्मीर के लद्दाख की निवासी अनुसूचित जनजातियां शामिल हैं। आयकर कानून के हिसाब से इनको किसी भी स्रोत से आय या कहीं से भी मिले लाभांश या ब्याज पर कर अदा करने से छूट मिली है।

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