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Bangladesh: 'भारत के बिना बांग्लादेश नहीं चल सकता', बढ़ते कट्टरपंथ पर बोले विदेश मामलों के विशेषज्ञ अव्वाद

Fri, 26 Dec 2025 11:36 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Fri, 26 Dec 2025 11:36 PM IST
सार

एएनआई से बातचीत में वाएल अव्वाद ने कहा, 'बांग्लादेश भारत के बिना जीवित नहीं रह सकता। लेकिन आज हम देख रहे हैं कि वहां कट्टरपंथी ताकतें मजबूत हो रही हैं और सड़कों पर हिंसा बढ़ रही है।' अव्वाद की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब बांग्लादेश में हिंदू युवकों पर भीड़ की तरफ से की गई हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं।

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'Bangladesh cannot survive without India; extremism straining ties': Foreign affairs expert Waiel Awwad
वाइएल अव्वाद, विदेश मामलों के विशेषज्ञ - फोटो : ANI

विस्तार

विदेश मामलों के विशेषज्ञ वाएल अव्वाद ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों और बढ़ती कट्टरपंथी घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के लिए भारत के साथ अच्छे रिश्ते बेहद जरूरी हैं, लेकिन मौजूदा हालात में चरमपंथ दोनों देशों के संबंधों पर दबाव बना रहा है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश के भीतर कुछ तत्व जानबूझकर भारत-विरोधी माहौल बना रहे हैं। उन्होंने कहा 'कुछ लोग भारत और बांग्लादेश के बीच दरार पैदा करना चाहते हैं। इसी वजह से भारत के खिलाफ भावनाएं बढ़ रही हैं।'
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सरकार जिम्मेदारी से नहीं बच सकती- वाएल अव्वाद
अव्वाद ने साफ तौर पर कहा कि सरकार इन घटनाओं को 'अलग-अलग मामले' बताकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। उन्होंने जोर दिया 'सरकार को जिम्मेदारी लेनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।' धार्मिक स्थलों और अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा, 'पूजा स्थलों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, चाहे वे ईसाई हों, हिंदू हों या अल्पसंख्यक मुस्लिम।' उन्होंने कहा कि लोगों और भारत का भरोसा वापस जीतने के लिए ठोस कार्रवाई और स्पष्ट आश्वासन जरूरी हैं।


एक स्थानीय समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को राजबाड़ी जिले के पांग्शा उप-जिले के होसेनडांगा गांव में अमृत मंडल नाम के एक हिंदू युवक की भीड़ द्वारा पिटाई की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई।

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मयमनसिंह जिले में की गई थी हिंदू युवक की हत्या
इससे पहले मयमनसिंह जिले में भी एक और दिल दहला देने वाली घटना हुई थी। 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास नाम के एक हिंदू युवक को कथित तौर पर ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला गया। इसके बाद उसके शव को लटका कर आग लगा दी गई। हालांकि, जांच में सामने आया कि जिस फेसबुक पोस्ट को लेकर आरोप लगाए गए थे, उसका कोई सबूत नहीं मिला। इन घटनाओं ने बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

Minority Attacks In Bangladesh:
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