कर्नाटक के मंत्री के कई ठिकानों पर दूसरे दिन भी तलाशी, दिल्ली में मिला 8 करोड़ कैश
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बंगलूरू में कर्नाटक के मंत्री डीके शिवकुमार के ठिकानों पर आईटी की छापेमारी जारी है। आयकर विभाग की ये छापेमारी बुधवार से जारी है। आईटी विभाग ने दिल्ली घर से 8.33 करोड़, बंगलुरु से 2.5 करोड़ और मैसूर से 60 लाख रुपये जब्त किए हैं।
गौरतलब है कि,बुधवार को दिल्ली में मंत्री के आवास व कर्नाटक में अन्य ठिकानों पर छापेमारी में आयकर विभाग ने 10 करोड़ रुपये बरामद किए थे।
टैक्स चोरी के एक मामले में आईटी विभाग की इस कार्रवाई का असर संसद तक पहुंचा, जहां कांग्रेस ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए छापे के समय पर सवाल उठाया। कांग्रेस ने इस छापेमारी को गुजरात विधायकों के से जुड़ा और सरकार की चाल बताया। वहीं सरकार ने सफाई देते हुए कहा कि आईटी विभाग द्वारा की गई कार्रवाई का गुजरात के विधायकों से कोई लेना-देना नहीं है। यह आयकर विभाग की रूटीन कार्रवाई है।
आयकर विभाग के अनुसार उन्हें ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार से कर चोरी के मामले में पूछताछ करनी थी। टीम को जब पता चला कि वह इगलटन रिसॉर्ट में हैं, तो वहां सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जिसके बाद टीम उन्हें लेकर उनके घर पहुंची, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की गई। आईटी विभाग ने स्पष्ट किया था , ‘सर्च टीम ने सिर्फ मंत्री के कमरे की तलाशी ली। वहां ठहरे किसी विधायक का उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ।’
कांग्रेस ने लगाया था केंद्र सरकार पर आरोप
उधर, बुधवार को राज्यसभा में इस कार्रवाई पर खूब हंगामा हुआ। कांग्रेस के सदस्य बार-बार वेल में आकर कार्यवाही बाधित करते रहे। राज्यसभा की कार्यवाही आखिरकार दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी, जबकि कांग्रेस ने लोकसभा से बहिष्कार किया।
गौरतलब है कि, बुधवार को उच्च सदन में कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के आनंद शर्मा ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव को पटरी से उतारने के लिए छापे की कार्रवाई की गई है। इसके जवाब में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि उस रिसॉर्ट पर छापा मारा ही नहीं गया, जहां गुजरात के कांग्रेस विधायक रखे गए हैं। इसका राज्यसभा चुनाव से कोई संबंध नहीं है।
लोकसभा में कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह मामला उठाते हुए कहा, ‘मैं सरकार से अपील करता हूं कि विधायकों को आतंकित न किया जाए।’ इस पर जेटली ने कहा कि छापे की कार्रवाई के संबंध में मंत्री से पूछताछ कानूनन जरूरी थी। इसी के तहत जब टीम उन्हें लेने रिसॉर्ट पहुंची तो मंत्री महत्वपूर्ण दस्तावेज फाड़ रहे थे, जिन्हें जब्त कर लिया गया।