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Balochistan Issue: बलूच कार्यकर्ता कादरी का दावा- बलूचिस्तान में चल रहा गृहयुद्ध, भारत से की मदद की अपील
Sat, 23 Jul 2022 10:35 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 23 Jul 2022 10:35 PM IST
सार
नायला कादरी ने कहा कि बलूचिस्तान (Balochistan) के लिए चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) मौत की सजा है। यह एक आर्थिक परियोजना नहीं है बल्कि एक सैन्य परियोजना (Military Project) है। किसी भी देश को बलूच बंदरगाहों को बेचने का अधिकार नहीं है।
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बलूच कार्यकर्ता और प्रोफेसर नाएला कादरी बलूच
- फोटो : ANI
विस्तार
बलूच कार्यकर्ता और प्रोफेसर नाएला कादरी ने कहा कि बलूचिस्तान (Balochistan) में गृहयुद्ध (Civil War) चल रहा है। आजादी के लिए संघर्ष जारी है। छोटी-छोटी लड़कियां और लड़के संघर्ष कर रहे हैं। मैं भारत से आग्रह करूंगी वह आतंकवाद के गढ़ कहे जाने वाले पाकिस्तान (Pakistan) को खत्म करने के लिए बलूचिस्तान से हाथ मिलाएं।
कादरी ने आगे कहा कि बलूचिस्तान के लिए चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) मौत की सजा है। यह एक आर्थिक परियोजना नहीं है बल्कि एक सैन्य परियोजना है। किसी भी देश को बलूच बंदरगाहों को बेचने का अधिकार नहीं है। वे चीनी और पाकिस्तानी बस्तियों के निर्माण के लिए हमारी पुश्तैनी जमीन से हमें विस्थापित कर रहे हैं।
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कादरी ने आगे कहा कि बलूचिस्तान के लिए चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) मौत की सजा है। यह एक आर्थिक परियोजना नहीं है बल्कि एक सैन्य परियोजना है। किसी भी देश को बलूच बंदरगाहों को बेचने का अधिकार नहीं है। वे चीनी और पाकिस्तानी बस्तियों के निर्माण के लिए हमारी पुश्तैनी जमीन से हमें विस्थापित कर रहे हैं।
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China–Pakistan Economic Corridor (CPEC) is a death sentence for Balochistan. It's not an economic project, but a military one. No country has the right to sell Baloch ports. They're displacing us from our ancestral lands to build Chinese&Pakistani settlements: Naela Quadri Baloch pic.twitter.com/ig7TB9k825
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 23, 2022