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आजम खां हो सकते हैं नेता विरोधी दल, लालबत्ती बरकरार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Mar 2017 02:02 PM IST
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आजम खान
- फोटो : amar ujala
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सपा में नेता विरोधी दल के लिए माथापच्ची शुरू हो गई है। कार्यवाहक कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां नेता विरोधी दल बनाए जा सकते हैं। क्योंकि पहले भी वह नेता विरोधी दल रह चुके हैं। इस तरह यदि आजम को यह पद मिला तो उनकी लालबत्ती पांच साल तक फिर कायम रह सकती है।
चुनाव जीतने के बाद आजम मंगलवार की रात अपने नवनिर्वाचित विधायक बेटे अब्दुल्ला और विधायक नसीर खां को साथ लेकर लखनऊ रवाना हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव आजम खां को नेता विरोधी दल बनाना चाहते हैं। जबकि अखिलेश यादव आठवीं बार विधायक बने राम गोविंद चौधरी के नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं।
इस पर अंतिम निर्णय समाजवादी पार्टी की 16 मार्च को होने वाली विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी विधायकों की लखनऊ में बैठक बुलाई है। इसमें हार के कारणों की समीक्षा भी की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने ही आजम का नाम अखिलेश यादव के सामने प्रस्तावित किया है। उनका तर्क है कि आजम संसदीय मामलों के जानकार और अच्छे वक्ता हैं।
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चुनाव जीतने के बाद आजम मंगलवार की रात अपने नवनिर्वाचित विधायक बेटे अब्दुल्ला और विधायक नसीर खां को साथ लेकर लखनऊ रवाना हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव आजम खां को नेता विरोधी दल बनाना चाहते हैं। जबकि अखिलेश यादव आठवीं बार विधायक बने राम गोविंद चौधरी के नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं।
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इस पर अंतिम निर्णय समाजवादी पार्टी की 16 मार्च को होने वाली विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी विधायकों की लखनऊ में बैठक बुलाई है। इसमें हार के कारणों की समीक्षा भी की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने ही आजम का नाम अखिलेश यादव के सामने प्रस्तावित किया है। उनका तर्क है कि आजम संसदीय मामलों के जानकार और अच्छे वक्ता हैं।
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सदन के भीतर वही सत्ता पक्ष से सवाल कर सकते हैं और किसी भी बात का सटीक जवाब दे सकते हैं। अखिलेश यादव राम गोविंद चौधरी के पक्ष में हैं। हालांकि सूत्र बताते हैं कि बाद में वह भी आजम के नाम पर सहमत हो गए। नेता विरोधी दल की औपचारिक घोषणा 16 मार्च को हो सकती है।
आजम खां 2012 में जब सपा विपक्ष में बैठी थी तब आजम खां को नेता विरोधी दल बनाया था। आजम को खुद मुलायम ने शिवपाल की जगह चुना था। इस बार भी शिवपाल का नाम आगे चल रहा था, पर किसी भी विवाद से बचने के लिए मुलायम ने ही आजम का नाम आगे कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि आजम के नाम पर शिवपाल भी सहमत हो जाएंगे।
16 मार्च को विधायकों लोहिया ट्रस्ट में विधायकों की बैठक होगी. उसके बाद विरोधी दल का नेता चुना जाएगा। आजम खां ने सपा के कद्दावर मुस्लिम लीडर माने जाते हैं। उनकी मुस्लिमों पर खासी पकड़ है। आजम खां, स्वार-टांडा सीट के नव निवार्चित विधायक उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम खां, और चमरौवा सीट से विधायक चुने गए नसीर अहमद खां मंगलवार की रात लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
आजम खां 2012 में जब सपा विपक्ष में बैठी थी तब आजम खां को नेता विरोधी दल बनाया था। आजम को खुद मुलायम ने शिवपाल की जगह चुना था। इस बार भी शिवपाल का नाम आगे चल रहा था, पर किसी भी विवाद से बचने के लिए मुलायम ने ही आजम का नाम आगे कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि आजम के नाम पर शिवपाल भी सहमत हो जाएंगे।
16 मार्च को विधायकों लोहिया ट्रस्ट में विधायकों की बैठक होगी. उसके बाद विरोधी दल का नेता चुना जाएगा। आजम खां ने सपा के कद्दावर मुस्लिम लीडर माने जाते हैं। उनकी मुस्लिमों पर खासी पकड़ है। आजम खां, स्वार-टांडा सीट के नव निवार्चित विधायक उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम खां, और चमरौवा सीट से विधायक चुने गए नसीर अहमद खां मंगलवार की रात लखनऊ के लिए रवाना हो गए।