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गुजरात के अस्पतालों में सर्वाधिक मिल रहे आयुष्मान भारत लाभार्थी, ये दो राज्य शीर्ष पर
Wed, 09 Jan 2019 08:52 PM IST
आसिम खान
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Wed, 09 Jan 2019 08:52 PM IST
सार
- दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत के सबसे ज्यादा लाभार्थी गुजरात के अस्पतालों में मिल रहे हैं।
- केंद्र सरकार की इस योजना के तहत 29 राज्यों में लोगों को सालाना 5 लाख रुपये का बीमा दे रही है।
- छत्तीसगढ़ में 1.27 लाख लाभार्थियों को अब तक 78 करोड़ रुपये का उपचार मिल चुका है।
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विस्तार
दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत के सबसे ज्यादा लाभार्थी गुजरात के अस्पतालों में मिल रहे हैं। अब तक केंद्र सरकार की इस योजना के तहत 29 राज्यों में लोगों को सालाना 5 लाख रुपये का बीमा दे रही है लेकिन इसके लिए लाभार्थी सबसे ज्यादा गुजरात में मिले हैं। इसके बाद छत्तीसगढ़ शीर्ष राज्यों में शामिल है। 23 सिंतबर 2018 को योजना लागू होने के बादसे 3 जनवरी 2019 तक गुजरात में 1.47 लाख लाभार्थी अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। जिनके इलाज में सरकार 138 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है।
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वहीं छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां 1.27 लाख लाभार्थियों को अब तक 78 करोड़ रुपये का उपचार मिल चुका है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के लागू होने के बाद से अब तक 7 लाख 14 हजार लाभार्थी अस्पतालों में भर्ती हुए हैं जिनके इलाज में केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर 704 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकार के अनुसार अभी तक इस योजना को लेकर यूपी, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में मंद गति देखने को मिल रही है।
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यूपी में 16, उत्तराखंड में एक, हिमाचल प्रदेश में 2 और हरियाणा में करीब 3 हजार लाभार्थी को अस्पतालों में निशुल्क उपचार उपलब्ध हुआ है। बताया जा रहा है कि चिकित्सा के हाशिये पर अक्सर यूपी और बिहार रहते हैं, लेकिन इन्हीं दोनों राज्यों में आयुष्मान भारत पर काम काफी सुस्त हो रहा है। बिहार में अब तक 5 हजार लाभार्थी परिवार की पहचान ही हो सकी है।
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वहीं राष्ट्रीय राजधानी में इसे लेकर केंद्र व राज्य के बीच आपसी सहमति नहीं बनने के बाद केंद्र अब तक 13 निजी अस्पतालों को अपने खेमे से जोडने में कामयाब रहा। सूत्रों की मानें तो अगले माह होने वाली बैठक के बाद आयुष्मान भारत के जरिए 1300 से ज्यादा बीमारियों की पैकेज कीमत में वृद्घि होगी, जिसके बाद और भी ज्यादा अस्पतालों के जोडने की संभावना है।