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दिल्ली-पंजाब के बिना ही लागू होगी आयुष्मान भारत योजना, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी नहीं बनी बात
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Updated Wed, 13 Jun 2018 04:40 AM IST
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आयुष्मान भारत योजना 2018
विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना आयुष्मान भारत देश में लागू होने के लिए लगभग तैयार है। 15 जून से इस योजना के तहत करीब 12 हजार निजी अस्पतालों को जोड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी। 10 करोड़ परिवार को स्वास्थ्य कवच देने वाली इस योजना को सियासी कारणों से दिल्ली, पंजाब, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के बिना ही लागू किया जाएगा।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि आयुष्मान भारत पर काम करना व्यर्थ है। दिल्ली सरकार जल्द ही स्वास्थ्य सुरक्षा योजना देने जा रही है। जबकि ऐसी ही योजना पंजाब में चल रही है। दरअसल स्वास्थ्य राज्य का विषय है, इसलिए केंद्र की योजना को स्वीकार करना या न करना राज्यों की मर्जी पर है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि यूपी से आयुष्मान भारत के तहत कोई लाभार्थी दिल्ली आकर इलाज कराता है, तो क्या दिल्ली के अस्पताल में उसे उपचार मिलेगा? इस पर एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स के अध्यक्ष डॉ. गिरधर ज्ञानी का कहना है कि निजी अस्पतालों के सामने यह समस्या खड़ी हुई है।
बजट की जिम्मेदारी से बचने के लिए राज्यों की आनाकानी
केंद्र सरकार अब तक एमओयू साइन नहीं करने वाले राज्यों को मनाने में जुटी है। यह भी कहा जा रहा है, चूंकि इस योजना के तहत 40 फीसदी बजट संबंधित राज्यों को देना होगा, इसलिए भी राज्य सरकारें आनाकानी कर रही हैं। माना जा रहा है कि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से 50 करोड़ लोगों को सालाना 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा देने वाली योजना शुरू करने का एलान करेंगे।
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दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि आयुष्मान भारत पर काम करना व्यर्थ है। दिल्ली सरकार जल्द ही स्वास्थ्य सुरक्षा योजना देने जा रही है। जबकि ऐसी ही योजना पंजाब में चल रही है। दरअसल स्वास्थ्य राज्य का विषय है, इसलिए केंद्र की योजना को स्वीकार करना या न करना राज्यों की मर्जी पर है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि यूपी से आयुष्मान भारत के तहत कोई लाभार्थी दिल्ली आकर इलाज कराता है, तो क्या दिल्ली के अस्पताल में उसे उपचार मिलेगा? इस पर एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स के अध्यक्ष डॉ. गिरधर ज्ञानी का कहना है कि निजी अस्पतालों के सामने यह समस्या खड़ी हुई है।
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बजट की जिम्मेदारी से बचने के लिए राज्यों की आनाकानी
केंद्र सरकार अब तक एमओयू साइन नहीं करने वाले राज्यों को मनाने में जुटी है। यह भी कहा जा रहा है, चूंकि इस योजना के तहत 40 फीसदी बजट संबंधित राज्यों को देना होगा, इसलिए भी राज्य सरकारें आनाकानी कर रही हैं। माना जा रहा है कि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से 50 करोड़ लोगों को सालाना 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा देने वाली योजना शुरू करने का एलान करेंगे।
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