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Hindi News ›   India News ›   Ayodhya Verdict : Hindus did not their claim on land even after construction of Mosque

मस्जिद बनने के बाद हिंदुओं ने नहीं छोड़ा दावा, उस वक्त नहीं था कोई वक्फ बोर्ड

Sun, 10 Nov 2019 04:05 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Sun, 10 Nov 2019 04:05 AM IST
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Ayodhya Verdict : Hindus did not their claim on land even after construction of Mosque
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक, मीर बकी द्वारा मस्जिद बनाए जाने के बाद श्रद्धालुओं ने अपना दावा नहीं छोड़ा। वे लगातार चरण पादुका और सीता रसोई और चबूतरे पर रामलला विराजमान की मूर्ति को पूजते रहे। इसे राम चबूतरा कहा जाने लगा। तब कोई वैध वक्फ नहीं था।

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अयोध्या पवित्र शहर

पीठ ने कहा, अयोध्या राम से जुड़ी हुई है, जो हिंदू शास्त्रों में पवित्र शहर माना जाता था। बृहद् धर्मोत्तर पुराण में अयोध्या का जिक्र सात पवित्र स्थानों में किया गया है। 

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अयोध्या मथुरा माया काशी का ची ह्मवन्तिका।
पुरी द्वारावती चैव सप्तैता मोक्षदायिका:।।

यानी अयोध्या, मथुरा, माया (हरिद्वार), काशी, कांची, अवंतिका (उज्जैन) और द्वारावती (द्वारका) सात सबसे पवित्र शहर हैं।

3 गुंबदों के नीचे जन्मस्थान

पीठ ने मोहम्मद कासिम, मोहम्मद यासीन, हाजी महबूब अहमद सहित अन्य के मौखिक बयानों पर भरोसा जताया। कहा, साफ साबित होता है कि वहां पर हिंदुओं की आस्था थी कि वह भगवान राम का जन्मस्थान है। ऐसे में निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि भगवान राम का जन्मस्थान बाबरी मस्जिद की तीन गुंबदों के नीचे है। कोर्ट ने यह भी पाया कि कई जगहों पर बाबरी मस्जिद को जन्मस्थान मस्जिद कहा गया है। जो इशारा करते हैं कि बाबरी मस्जिद भगवान राम के जन्मस्थान पर स्थित था।

स्थान बाद में बना न्यायिक व्यक्ति

पीठ ने कहा, हाईकोर्ट ने जिन आधार पर फैसला दिया था, उससे साबित होता है कि सनातन धर्म के अनुयायी  परंपरागत रूप से जन्मस्थान की पूजा करते थे। जो दस्तावेज मिले हैं, उससे  साबित होता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम विवादित भूमि पर पैदा हुए थे।  उनके जन्मस्थान को श्रीरामजन्मभूमि कहा जाने लगा। यह स्थान बाद में न्यायिक व्यक्ति हो गया। 1928 के फैजाबाद गजेटियर से भी इसकी पुष्टि होती है।

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