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Ram Temple: राम मंदिर गर्भगृह में स्थापना के बाद आई प्रभु श्रीराम की नई तस्वीर, यहां देखें अद्भुत स्वरूप
Fri, 19 Jan 2024 12:36 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Fri, 19 Jan 2024 12:36 PM IST
सार
रामलला के अचल विग्रह को पहले ढक कर रखा गया था। इसकी तस्वीर कल ही सामने आई थी। हालांकि, अब इसका पूरा आवरण सामने आया है।
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राम मंदिर में स्थापित भगवान राम की तस्वीर।
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की मूर्ति स्थापित होने के बाद इसकी तस्वीरें आने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को रामलला की एक और तस्वीर जारी हुई, जिसमें उनके पूरे स्वरूप को देखा जा सकता है। तस्वीर में रामलला को फूलों की माला पहनाई गई है।
गौरतलब है कि रामलला के अचल विग्रह को पहले ढक कर रखा गया था। इसकी तस्वीर कल ही सामने आई थी। हालांकि, अब इसका पूरा आवरण सामने आया है। इससे पहले गुरुवार को ढकी मूर्ति का ही पूजन किया गया था। रामलला के अचल विग्रह, गर्भगृह स्थल और यज्ञमंडप का पवित्र नदियों के जल से अभिषेक किया गया। पूजन के क्रम में ही राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला का जलाधिवास व गंधाधिवास हुआ।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा
रामलला के नवनिर्मित मंदिर में अचल विग्रह की स्थापना के साथ विराजमान रामलला को भी पूजित-प्रतिष्ठित किया जाएगा। राममंदिर के गर्भगृह में सोने के सिंहासन पर रामलला की इस 51 इंच की अचल मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है। उनके सिंहासन के ठीक आगे विराजमान रामलला स्थापित होंगे। वे मंदिर में चल मूर्ति यानी उत्सव मूर्ति के रूप में पूजित होंगे।
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वेदों का पारायण 21 को
मंडपपूजा के क्रम में मंदिर के तोरण, द्वार, ध्वज, आयुध, पताका, दिक्पाल, द्वारपाल की पूजा की गई। वहीं, पांच वैदिक आचार्यों ने अनुष्ठान की कड़ी में ही चारों वेदों का पारायण भी शुरू कर दिया है, जिनका पारायण 21 जनवरी को होगा।
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गौरतलब है कि रामलला के अचल विग्रह को पहले ढक कर रखा गया था। इसकी तस्वीर कल ही सामने आई थी। हालांकि, अब इसका पूरा आवरण सामने आया है। इससे पहले गुरुवार को ढकी मूर्ति का ही पूजन किया गया था। रामलला के अचल विग्रह, गर्भगृह स्थल और यज्ञमंडप का पवित्र नदियों के जल से अभिषेक किया गया। पूजन के क्रम में ही राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला का जलाधिवास व गंधाधिवास हुआ।
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रामलला की प्राण प्रतिष्ठा
रामलला के नवनिर्मित मंदिर में अचल विग्रह की स्थापना के साथ विराजमान रामलला को भी पूजित-प्रतिष्ठित किया जाएगा। राममंदिर के गर्भगृह में सोने के सिंहासन पर रामलला की इस 51 इंच की अचल मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है। उनके सिंहासन के ठीक आगे विराजमान रामलला स्थापित होंगे। वे मंदिर में चल मूर्ति यानी उत्सव मूर्ति के रूप में पूजित होंगे।
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वेदों का पारायण 21 को
मंडपपूजा के क्रम में मंदिर के तोरण, द्वार, ध्वज, आयुध, पताका, दिक्पाल, द्वारपाल की पूजा की गई। वहीं, पांच वैदिक आचार्यों ने अनुष्ठान की कड़ी में ही चारों वेदों का पारायण भी शुरू कर दिया है, जिनका पारायण 21 जनवरी को होगा।