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राम मंदिर मुद्दा: चुनाव से पहले आरएसएस और भाजपा के नेता बयानों में बनाने लगे अयोध्या में मंदिर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 03 Oct 2018 01:00 PM IST
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लोकसभा आमचुनाव का दिन जैसे-जैसे पास आ रहा है राम मंदिर का मुद्दा गर्माने लगा है। राम मंदिर न बन पाने का मामला तभी और गर्म हो जाता है जब चुनाव होने वाले होते हैं। अगर भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस के नेताओं द्वारा पिछले दिनों दिए जा रहे भाषणों पर नजर डालें तो राम मंदिर बनने में अब कोई रुकावट नजर नहीं आ रही है। पिछले 12 दिनों में जहां दूसरी बार आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने राम मंदिर को लेकर बयान दिया है। जबकि यह मामला लंबे समय से सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है और इस मामले की सुनवाई 28 अक्टूबर को होनी है।
वैसे तो इस साल राम मंदिर मामले की शुरुआत 6 जून को तब हुई जब मुख्यमंत्री नाराज साधू-संतों को मनाने हरिद्वार पहुंचे। इस मुलाकात के बाद साधु-संतों ने मंदिर का निर्माण जल्द शुरू होने की बात कही थी। तब से अब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उनके दोनों उप मुख्यमंत्री समेत प्रदेश के नौ मंत्री, केंद्र सरकार तीन मंत्री मंदिर निर्माण को लेकर बयान दे चुके हैं। इस मामले पर संघ भी बराबरी से हवा दे रहा है।
खास तैयारी है दिवाली की
उत्तर प्रदेश सरकार इस साल अयोध्या में भव्य दिवाली की तैयारी कर रहा है। योजना के अनुसार दिवाली के मौके पर 3 लाख से ज्यादा दीप जलाए जाने की योजना बनाई गई है। यही नहीं अयोध्या में छोटी दिवाली के दिन भगवान श्रीराम की जिंदगी से जुड़े 15 रथों की झांकी भी निकाली जाएगी।
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राम मंदिर मामले में नेताओं के बयान
वैसे तो राम मंदिर को लेकर बयान समय समय पर आता रहता है। 12 दिन पहले दिल्ली के एक कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने राम मंदिर निर्माण की बात कही थी वही बात एक बार फिर उन्होंने हरिद्वार में भी उठाई। भागवत ने कहा कि देश का बहुसंख्यक समुदाय राम की पूजा करता है। 'संघ और भाजपा अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन ऐसे मामलों में थोड़ा समय तो लगता है।'
जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत नृत्यगोपाल दास के जन्मदिन पर अयोध्या में 25 जून को एक संत सम्मेलन में कहा था कि आप लोग कुछ दिन तक धैर्य रखें, भगवान राम की कृपा होगी तो अयोध्या में राम मंदिर जरूर बनेगा। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए।
वहीं इस मामले में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का 21 अगस्त को बयान आया उन्होंने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि अगर जरूरत पड़ी और कोई रास्ता नहीं दिखा तो केंद्र सरकार अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए विधेयक लाने का रास्ता चुन सकती है। फिलहाल राज्यसभा में हमारे पास बहुमत नहीं है।
मंदिर के लिए परमहंस दास आमरण अनशन पर
राम के जन्मस्थान पर मंदिर निर्माण के लिए तपस्वी छावनी मंदिर रामघाट पर महंत स्वामी परमहंस दास सोमवार को आमरण-अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन्मभूमि पर राम मंदिर के लिए जल्द घोषणा करें और अयोध्या में रामलला का आशीर्वाद लें, वरना राममंदिर के लिए मैं बलिदान हो जाऊंगा।
वहीं पिछले दिनों केंद्र सरकार के मंत्री गिरिराज सिंह ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि मुसलमानों ने राम मंदिर बनाने में मदद नहीं की तो मुझे दुख होगा क्योंकि मुस्लिम भी भगवान राम के वंशज है। वे बाबर के वंशज नहीं हैं। यदि हिंदुओं ने संयम खोया तो वे मथुरा, काशी और अयोध्या पर कब्जा कर लेंगे।
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वैसे तो इस साल राम मंदिर मामले की शुरुआत 6 जून को तब हुई जब मुख्यमंत्री नाराज साधू-संतों को मनाने हरिद्वार पहुंचे। इस मुलाकात के बाद साधु-संतों ने मंदिर का निर्माण जल्द शुरू होने की बात कही थी। तब से अब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उनके दोनों उप मुख्यमंत्री समेत प्रदेश के नौ मंत्री, केंद्र सरकार तीन मंत्री मंदिर निर्माण को लेकर बयान दे चुके हैं। इस मामले पर संघ भी बराबरी से हवा दे रहा है।
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खास तैयारी है दिवाली की
उत्तर प्रदेश सरकार इस साल अयोध्या में भव्य दिवाली की तैयारी कर रहा है। योजना के अनुसार दिवाली के मौके पर 3 लाख से ज्यादा दीप जलाए जाने की योजना बनाई गई है। यही नहीं अयोध्या में छोटी दिवाली के दिन भगवान श्रीराम की जिंदगी से जुड़े 15 रथों की झांकी भी निकाली जाएगी।
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राम मंदिर मामले में नेताओं के बयान
वैसे तो राम मंदिर को लेकर बयान समय समय पर आता रहता है। 12 दिन पहले दिल्ली के एक कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने राम मंदिर निर्माण की बात कही थी वही बात एक बार फिर उन्होंने हरिद्वार में भी उठाई। भागवत ने कहा कि देश का बहुसंख्यक समुदाय राम की पूजा करता है। 'संघ और भाजपा अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन ऐसे मामलों में थोड़ा समय तो लगता है।'
जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत नृत्यगोपाल दास के जन्मदिन पर अयोध्या में 25 जून को एक संत सम्मेलन में कहा था कि आप लोग कुछ दिन तक धैर्य रखें, भगवान राम की कृपा होगी तो अयोध्या में राम मंदिर जरूर बनेगा। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए।
वहीं इस मामले में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का 21 अगस्त को बयान आया उन्होंने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि अगर जरूरत पड़ी और कोई रास्ता नहीं दिखा तो केंद्र सरकार अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए विधेयक लाने का रास्ता चुन सकती है। फिलहाल राज्यसभा में हमारे पास बहुमत नहीं है।
मंदिर के लिए परमहंस दास आमरण अनशन पर
राम के जन्मस्थान पर मंदिर निर्माण के लिए तपस्वी छावनी मंदिर रामघाट पर महंत स्वामी परमहंस दास सोमवार को आमरण-अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन्मभूमि पर राम मंदिर के लिए जल्द घोषणा करें और अयोध्या में रामलला का आशीर्वाद लें, वरना राममंदिर के लिए मैं बलिदान हो जाऊंगा।
वहीं पिछले दिनों केंद्र सरकार के मंत्री गिरिराज सिंह ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि मुसलमानों ने राम मंदिर बनाने में मदद नहीं की तो मुझे दुख होगा क्योंकि मुस्लिम भी भगवान राम के वंशज है। वे बाबर के वंशज नहीं हैं। यदि हिंदुओं ने संयम खोया तो वे मथुरा, काशी और अयोध्या पर कब्जा कर लेंगे।