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Barry O'Farrell: ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ने कहा- खालिस्तान रेफरेंडम का कोई आधार नहीं, अदाणी मामले पर भी बोले

Mon, 06 Mar 2023 06:12 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Mon, 06 Mar 2023 06:12 PM IST
सार

नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ने कहा कि वह मंदिरों को निशाना बनाए जाने से हैरान हैं। असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए कार्रवाई की जा रही है।

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Australian High Commissioner Barry O Farrell on Khalistan referendum attack on temple in australia adani issue
Barry O'Farrell - फोटो : ANI

विस्तार

भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ'फारेल ने सोमवार को कहा कि तथाकथित खालिस्तान जनमत संग्रह के आह्वान का ऑस्ट्रेलिया में कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया भारतीय संप्रभुता का अटूट सम्मान करता है। मंदिरों पर हमले को लेकर नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ने कहा कि वह मंदिरों को निशाना बनाए जाने से हैरान हैं। ऑस्ट्रेलिया में हमने तोड़-फोड़ की घटनाएं देखी हैं। लोग इससे भयभीत हैं। असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
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वहीं, अदाणी मामले को लेकर ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ने कहा कि अदाणी समूह का निवेश ऑस्ट्रेलिया में अच्छी तरह कार्य कर रहा है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के व्यवसाय पर इसके किसी प्रभाव की कोई रिपोर्ट नहीं देखी है। अदाणी समूह अभी भी एक महत्वपूर्ण निवेशक है।
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बता दें कि हाल के दिनों संदिग्ध खालिस्तान समर्थकों द्वारा ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। साथ ही यहां अलगाववादी संगठन की गतिविधियों में तेजी आने की आशंका है। 21 फरवरी की रात ब्रिस्बेन में संदिग्ध खालिस्तान समर्थकों ने कथित रूप से भारतीय वाणिज्य दूतावास में तोड़फोड़ की थी। इस घटना के बाद चिंताएं और बढ़ गई हैं। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीयों पर भी कई हमले हुए हैं। लेकिन यह पहली बार है कि भारत के वाणिज्य दूतावास को निशाना बनाया गया है। 


ब्रिस्बेन में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले को भारत सरकार पर सीधा हमला बताया जा रहा है। ब्रिस्बेन में भारत की मानद वाणिज्य-दूत अर्चना सिंह ने कहा कि जब वह 22 फरवरी को काम के लिए पहुंचीं तो उन्होंने कार्यालय पर खालिस्तान झंडा पाया। उन्होंने फौरन क्वींसलैंड पुलिस को सूचित किया, जिसने झंडे को जब्त कर लिया।
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