फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Atul Subhash Case Karnataka High Court refuses to quash FIR against Nikita News In Hindi

Atul Subhash Case: 'अपराध के सभी तत्व प्रथम दृष्टया मौजूद', हाईकोर्ट का निकिता के खिलाफ FIR रद्द करने से इनकार

Tue, 07 Jan 2025 03:45 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 07 Jan 2025 03:45 AM IST
सार

अतुल सुभाष आत्महत्या मामले में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने निकिता सिंघानिया के खिलाफ एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एसआर कृष्ण कुमार ने कहा कि शिकायत में सभी तथ्य पहले ही सामने आ चुके हैं, जिससे एफआईआर को रद्द करने का कोई कारण नहीं है।

विज्ञापन
Atul Subhash Case Karnataka High Court refuses to quash FIR against Nikita News In Hindi
कर्नाटक उच्च न्यायालय - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने सोमवार को अतुल सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि एफआईआर में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों के सभी तत्व मौजूद हैं। 
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार
कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एसआर कृष्ण कुमार ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि शिकायत में सभी तथ्य पहले ही सामने आ चुके हैं, जिससे एफआईआर को रद्द करने का कोई कारण नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत और एफआईआर में आत्महत्या के लिए उकसाने का पूरा विवरण दिया गया है।
विज्ञापन


बता दें कि अतुल सुभाष, जो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे उन्होंने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्होंने पिछले महीने आत्महत्या कर ली। उनकी मौत ने पूरे देश में महिलाओं और गुजारा भत्ते पर सख्त कानून की मांग को लेकर आक्रोश पैदा किया। अतुल के भाई की शिकायत पर उनकी पत्नी निकिता, मां निशा और भाई अनुराग के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


सिंधानिया के वकील ने दी थी चुनौती
अतुल सुभाष की आत्महत्या के बाद उनके भाई द्वारा दर्ज एफआईआर को  सिंघानिया के वकील ने चुनौती दी थी, लेकिन अदालत ने कहा कि इसमें सभी जरूरी जानकारी दी गई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच और सामग्री की जानकारी मांगी और मामले की सुनवाई को स्थगित कर दिया।


शनिवार को पत्नी निकिता को मिली थी जमानत
गौरतलब है कि निकिता सिंघानिया और उनके परिवार के सदस्यों को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में शनिवार को बेंगलुरु की अदालत से अंतरिम जमानत मिल गई थी। निकिता को 15 दिसंबर को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया था, जबकि उनकी मां और भाई को प्रयागराज से गिरफ्तार कर बेंगलुरु की अदालत में पेश किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed