फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Attempt to Target Modi government in Hindenburg trap How big will it be an election issue in 2024

Hindenburg: हिंडनबर्ग के जाल में मोदी सरकार को घेरने की कोशिश; 2024 में होगा कितना बड़ा चुनावी मुद्दा?

Thu, 31 Aug 2023 07:00 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Thu, 31 Aug 2023 07:00 PM IST
सार

हिंडनबर्ग या ओसीसीआरपी रिपोर्ट लाने की मंशा पर पहले दिन से प्रश्न खड़े किए जा रहे हैं। कहा जाता है कि इन रिपोर्ट्स को अमेरिकी उद्योगपति जॉर्ज सोरोस आर्थिक मदद देते हैं। उन्हें भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधी के तौर पर देखा जाता है। इसलिए चुनाव के ठीक पहले इस तरह की रिपोर्ट को लाने पर भी प्रश्न खड़े किए जा रहे हैं। 

विज्ञापन
Attempt to Target Modi government in Hindenburg trap How big will it be an election issue in 2024
Rahul Gandhi - फोटो : Social Media

विस्तार

जब से यह समाचार आया था कि ओसीसीआरपी भारत की कुछ कंपनियों में निवेश को लेकर एक नई रिपोर्ट जारी कर सकती है, तभी से यह अनुमान लगाने की कोशिश की जा रही थी कि इसके जाल में कौन फंसेगा? इसके निशाने पर कौन होगा और क्या इसका 2024 के लोकसभा चुनावों पर भी असर होगा? हिडनबर्ग रिपोर्ट 1.0 के जरिए केंद्र सरकार पर निशाना साधने की कोशिश की गई थी। अब जब हिंडनबर्ग रिपोर्ट 2.0 यानी ओसीसीआरपी की रिपोर्ट सामने आ गई है, यह स्पष्ट हो गया है कि इसके निशाने पर एक बार फिर गौतम अदाणी हैं। 

विज्ञापन


ओसीसीआरपी की रिपोर्ट में फर्जी तरीके से शेल कंपनियों के जरिए पैसे को एक स्थान से दूसरे स्थान पर घुमाते हुए अंत में अदाणी ग्रुप में लगाकर इसके शेयरों की कीमतों में नकली उछाल लगाने के आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट के सामने आते ही अदाणी ग्रुप ने एक बयान जारी कर यह साफ कर दिया कि इसमें कुछ भी नया नहीं है। इसके पहले हिंडनबर्ग रिपोर्ट में भी यही बातें कही गई थीं। ग्रुप ने साफ कर दिया कि इस मामले में जांच हुई थी और सर्वोच्च न्यायालय ने इसमें उसे सही पाया है। रिपोर्ट के सामने आने के बाद ही अदाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में एक बार फिर तेज गिरावट दर्ज की गई और कई कंपनियों के शेयरों में निवेशकों को काफी नुकसान हुआ है। 
विज्ञापन


राहुल ने मोदी को घेरा
इसके साथ ही राहुल गांधी ने 'गार्जियन' और 'द फाइनेंशियल टाइम्स' में प्रकाशित इस रिपोर्ट के सहारे केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि यह भारत की प्रतिष्ठा की बात है। यह स्पष्ट होना चाहिए कि समाचार में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। रिपोर्ट में गौतम अदाणी के भाई विनोद अदाणी और उनके दो मित्रों के जरिए अदाणी ग्रुप के शेयरों की खरीद कर इसमें नकली उछाल पैदा करने के आरोप लगाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट्स (OCCRP) की रिपोर्ट के सहारे राहुल गांधी ने प्रश्न किया कि यह भारत की प्रतिष्ठा की बात है। जिस समय देश जी-20 का आयोजन कर रहा है, और 40 देशों के राष्ट्राध्यक्ष देश में मौजूद रहने वाले हैं, इससे भारत में निवेश के लिए बेहतर संभावनाएं बनेंगी, लेकिन हिंडनबर्ग रिपोर्ट 2,0 से लोगों में यह संदेह पैदा होगा कि भारत में कंपनियों के लिए निवेश के लिए उचित माहौल नहीं है। यहां सबके लिए समान अवसर नहीं है और इस कारण देश की छवि प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए और सच सामने आना चाहिए। 

चूंकि,  विपक्ष ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट 1.0 के सहारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गौतम अदाणी के संबंधों पर गंभीर प्रश्न उठाकर केंद्र को असहज कर दिया था, माना जा रहा है कि नई रिपोर्ट के सहारे भी विपक्ष केंद्र को घेरने की कोशिश करेगा। इस तरह यह 2024 लोकसभा चुनाव के पहले केंद्र को घेरने की मजबूत कोशिश हो सकती है। 


रिपोर्ट की मंशा पर उठ रहे हैं सवाल
हिंडनबर्ग या ओसीसीआरपी रिपोर्ट लाने की मंशा पर पहले दिन से प्रश्न खड़े किए जा रहे हैं। कहा जाता है कि इन रिपोर्ट्स को अमेरिकी उद्योगपति जॉर्ज सोरोस आर्थिक मदद देते हैं। वे कृत्रिम तरीके से किसी कंपनी के शेयरों में गिरावट करते हैं और बाद में उसके शेयरों को खरीद-बेचकर भारी लाभ कमाते हैं। उन्हें भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधी के तौर पर देखा जाता है। इसलिए चुनाव के ठीक पहले इस तरह की रिपोर्ट को लाने पर भी प्रश्न खड़े किए जा रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed