जब बीच में खाना छोड़कर हवाई यात्रियों की जान बचाने पहुंच गए थे अटल बिहारी वाजपेयी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 16 Aug 2018 03:35 PM IST
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अटल बिहारी वाजपेयी
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6 दशकों तक भारतीय राजनीति के स्तंभ रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी इस समय दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती हैं। जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। माना जा रहा है कि अस्पताल थोड़ी देर में उनका मेडिकल बुलेटिन जारी करेगा। वहीं आज दिनभर सभी बड़े नेता उनका हाल-चाल लेने के लिए अस्पताल पहुंचे थे। पूरे देश में लोग उनकी सलामती और जल्द ठीक होने के लिए दुआएं कर रहे हैं। उनके जीवन के कई दिलचस्प किस्से हैं जिससे कि उनके विशाल व्यक्तित्व की एक झलक मिलती है। आज हम आपको एक ऐसा ही किस्सा बताते हैं। 
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भाजपा नेता और अटल जी के दोस्त लालजी टंडन ने कहा, 'मुझे एक आदमी भी ऐसा नहीं मिला जिसने यह कहा हो कि मैं अटलजी के पास गया और उनसे मिल नहीं पाया। वह लोगों से मुलाकात के प्रति कितने संवेदनशील थे, इसका एक शानदार उदाहरण लखनऊ में देखने को मिला था। उन्होंने एक वाकये को याद करते हुए कहा कि उन दिनों देश में राम जन्मभूमि आंदोलन का दौर चल रहा था और अटलजी लखनऊ के सांसद हुआ करते थे।' 


उन्होंने बताया कि एक बार अपने लखनऊ प्रवास के दौरान अटल जी मीराबाई रोड के गेस्ट हाउस में रुके थे। गेस्ट हाउस में बैठकर वह खाना खा रहे थे। जिसके बाद उन्हें वापस दिल्ली जाना था। उनके कमरे के बाहर लालजी टंडन सहित भाजपा के दूसरे नेता खड़े थे। इसी बीच लखनऊ के तत्कालीन डीएम और राज्यपाल मोतीलाल वोरा के सलाहकार घबराए हुए से वहां पहुंचे। उन्होंने टंडन से वाजपेयी जी से मिलने के लिए कहा। जिसपर उन्होंने कहा कि वह खाना खा रहे हैं बाद में मुलाकात कर लेना। लेकिन दोनों नहीं माने। उन्होंने कहा कि मुलाकात जरूरी है और दोनों उस कमरे में चले गए जहां अटलजी बैठकर खाना खा रहे थे। उन्हें देखकर वाजपेयी ने कहा, 'कैसे आए डीएम साहब, कुछ विशेष।'

डीएम ने अटलजी को बताया कि अमौसी एयरपोर्ट पर एक युवक ने यात्री विमान को हाईजैक कर लिया है और उसके हाथ में बम जैसी चीज है। उसने धमकी दी है कि वह विमान को उड़ा देगा लेकिन यदि अटलजी उससे मिलने आए तो वह सभी यात्रियों को छोड़ देगा। इसलिए आप हमारे साथ चलें तो शायद यात्रियों की जान बच जाए। टंडन ने कहा कि बिना अटल जी सुरक्षा की परवाह किए आप उन्हें वहां लेकर जाएंगे? इससे पहले कि डीएम कुछ कहते उन्होंने खाना छोड़ा और साथ चलने के लिए तैयार हो गए। 

अटलजी डीएम और राज्यपाल के सलाहकार के साथ एयरपोर्ट के एक टॉवर पर पहुंचे और विमान हाईजैकर से बातचीत की। उसने अटलजी की आवाज सुनी और कहा कि आप अटल बिहारी वाजपेयी नहीं हैं। इसके बाद यह फैसला लिया गया कि वह विमान में जाकर हाईजैकर से बातचीत करेंगे। भाजपा नेता इसके लिए तैयार नहीं हुए लेकिन उन्होंने डीएम को विमान तक जाने की व्यवस्था करने को कहा। इसके बाद एक निजी कार में अटल जी, लालजी टंडन, राज्यपाल के सलाहकार और जिलाधिकारी चारों लोग विमान तक पहुंचे जो एयरपोर्ट के किनारे पर खड़ा था। युवक से लालजी टंडन ने बात की उसके बाद वाजपेयी जी को विमान में बुलाया गया। 

विमान के अंदर अटलजी पहुंचे तो लालजी टंडन ने कहा कि वाजपेयीजी इतनी दूर से तुमसे मिलने आए हैं, इनके पैर तो छू लो। जैसे ही युवक उनके पैर छूने के लिए झुका तुरंत वहां मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने उसे जकड़ लिया। इसके बाद उस युवक ने अपने हाथ में पड़े एक सुतली के गुच्छे को फेंकते हुए कहा कि उसके पास कोई बम नहीं है। वह केवल यह बताना चाहता था कि देश में राम जन्मभूमि आंदोलन को लेकर कितना आक्रोश है। इसी विमान में कांग्रेस नेता सीताराम केसरी भी बैठे हुए थे जो काफी कांप रहे थे। उन्होंने केसरी को हिम्मत बंधाई, साथ ही सभी यात्रियों का हालचाल भी पूछा था। 

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