अटल सरकार की उपलब्धियां मील का पत्थर, यूपीए-1 को मिली थी मजबूत अर्थव्यवस्था
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देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में आर्थिक मोर्चे पर बड़ी उपलब्धियां रहीं। उनके बेहतर कदमों से 2004 में प्रधानमंत्री बने मनमोहन सिंह को बेहतर अर्थव्यवस्था मिली।
कानून एवं आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत को आर्थिक और सामरिक ताकत के रूप में विश्व पटल पर खड़ा किया। स्वर्णिम चतुर्भुज योजना, राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, दूरसंचार क्रांति, पीएसयू का निजीकरण और सर्व शिक्षा अभियान की सराहना आज भी होती है।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार के कहा, वाजपेयी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि थी 5846 किलोमीटर की स्वर्णिम चुतर्भुज योजना थी। यह मुख्य रूप से राजमार्गों के एक नेटवर्क वाली योजना है जो देश के चार प्रमुख महानगरों को दिल्ली (उत्तर), चेन्नई (दक्षिण), कोलकाता (पूर्व) और मुंबई (पश्चिम) में जोड़ता है।
नीति आयोग के सदस्य बिबेक देबोरॉय ने कहा कि वाजपेयी सरकार ने राजकोषीय घाटा कम करने के मकसद से वित्तीय उत्तरदायित्व अधिनियम के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की बचत को बढ़ावा दिया जो वित्त वर्ष 2000 में जीडीपी के 0.8 फीसद से बढ़कर वित्त वर्ष 2005 में 2.3 फीसद हो गया।
दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि वाजपेयी सरकार की नई दूरसंचार नीति ने निश्चित लाइसेंस शुल्क की जगह दूरसंचार क्रांति की शुरुआत की। उन्होंने टेलीकॉम कंपनियों के कई नीतियां और कानून तैयार किए। बीएसएनल के लिए एक अलग नीति बनाई गई। ऐसा करके उन्होंने ने विदेश संचार निगम लिमिटेड के आधिपत्य को खत्म किया।
आर्थिक विशेषज्ञ रवि सिंह के मुताबिक वाजपेयी सरकार में पहली बार विनिवेश से निजीकरण तेजी से बढ़ा। इंडियन पेट्रोकेमिकल कॉरपोरेशन (आईपीसीएल) और हिंदुस्तान जिंक का स्वामित्व निजी समूह के पास गया।
इसी तरह भारतीय पर्यटन विकास निगम के काफी सारे होटलों का मालिकाना हक भी बदला गया। केंद्रीय राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि वाजपेयी के कार्यकाल में सर्व शिक्षा अभियान की शुरुआत की गई। इसके तहत आज 6-14 साल के बच्चों की मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के प्रावधान को मौलिक अधिकार दिया गया है।