अटल बिहारी वाजपेयी की दत्तक पुत्री ने लखनऊ से लोकसभा चुनाव लड़ने से किया इन्कार
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य उनकी राजनीतिक विरासत संभालने को तैयार नहीं हैं। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की ओर से लखनऊ से 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने के प्रस्ताव को नमिता ने विनम्रता से मना कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले माह यह प्रस्ताव लेकर नमिता से मुलाकात की थी।
भाजपा सूत्रों के अनुसार नमिता ने इस प्रस्ताव के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया, लेकिन इसे स्वीकार कर पाने में असमर्थता जताई। उनका कहना था कि वह पूरी तरह से गैर राजनीतिक व्यक्ति हैं और खुद को इसके लिए तैयार नहीं कर पा रही हैं। नमिता के पति रंजन भट्टाचार्य एक उद्योगपति हैं और वे दोनों ही राजनीति से दूर रहते हैं।
सहानुभूति की लहर चाहती है भाजपा
पार्टी नेतृत्व का मानना था कि नमिता के लड़ने से पूरे प्रदेश में अटलजी के प्रति सहानुभूति लहर बहेगी, जो किसी भी विपक्षी गठबंधन पर भारी पड़ेगी। पिछले लोकसभा चुनाव में मोदी के वाराणसी से लड़ने पर भी प्रदेश में भाजपा के पक्ष में हवा बन गई थी। अटलजी ने 1991 से लगातार पांच बार लखनऊ से लोकसभा चुनाव जीता। इसके बाद से ही यहां की लोकसभा और इसके अंतर्गत आने वाली सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा लगातार जीतती रही।
राजनाथ सिंह की राह आसान
नमिता भट्टाचार्य के इस निर्णय से अब केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के लखनऊ से चुनाव लड़ने पर कोई संशय नहीं रह गया है। पिछले चुनाव में उनकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी रीता जोशी अब भाजपा में हैं और योगी आदित्यनाथ सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं।