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विधानसभा चुनाव परिणाम: ये रहे पांचों राज्यों के नतीजे, जानिए कहां-किस पार्टी को मिली कितनी सीटें

Wed, 12 Dec 2018 04:33 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 12 Dec 2018 04:33 PM IST
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Assembly election results 2018 of 5 states including madhya pradesh rajasthan and chhattisgarh
Assembly Election Results 2018 - फोटो : Amar Ujala

मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत सभी पांचों राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे अब साफ हो गए हैं। लोकसभा चुनाव से पहले सत्ता का सेमीफाइनल कहे जा रहे इन पांच राज्यों के चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को करारी शिकस्त दी है। कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भाजपा के हाथ से छत्तीसगढ़ और राजस्थान छीन लिया है। इसमें छत्तीसगढ़ को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता था, लेकिन यहां करारी हार का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस ने भाजपा से ज्यादा सीटें जीती हैं। हालांकि यहां कांग्रेस बहुमत से बस दो कदम दूर रह गई। आइए एक नजर डालते हैं सभी पांचों राज्यों के चुनाव के नतीजों पर- 

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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे

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मध्यप्रदेश में मतदाताओं ने पहली बार खंडित जनादेश दिया है। कांटे के मुकाबले में फंसी दोनों पार्टियों कांग्रेस और भाजपा को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। कांग्रेस 114 सीटों के साथ पहले नंबर पर और 109 सीटों के साथ भाजपा दूसरे स्थान पर है। वहीं, बसपा को 2, सपा को 1 और 4 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गई हैं। 230 विधानसभा सीटों वाली राज्य विधानसभा में बहुमत के लिए 116 सीटों की जरूरत होती है। ऐसे में अगली सरकार कौन बनाएगा इस पर पेंच फंस गया है। 
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राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे 



राजस्थान में हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन की परिपाटी बरकरार रही। यहां भाजपा को सत्ता से बेदखल कर कांग्रेस नई सरकार बनाने को तैयार है। यहां कांग्रेस के पक्ष में जिस तरह एकतरफा मुकाबला बताया जा रहा था, वैसा नहीं रहा। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, कांटे की टक्कर साफ दिखाई देने लगी। अंतत: वहां कांग्रेस को निर्णायक बढ़त मिल गई। कुल 199 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को पटखनी देते हुए 99 सीटों का आंकड़ा छू लिया। वहीं, सूबे में भाजपा को 73 सीटें ही मिल सकीं।

हालांकि राज्य में दोनों दलों के दिग्गजों ने अपनी-अपनी सीटें जीत लीं। दो बार की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालरापाटन से मानवेंद्र सिंह को हरा दिया। वहीं कांग्रेस के अशोक गहलोत, सचिन पायलट और सी पी जोशी ने अपनी-अपनी सीटें जीत लीं, जबकि कांग्रेस की दिग्गज नेता गिरिजा व्यास को गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा। राज्य में कई मौजूदा मंत्रियों को हार का मुंह देखना पड़ा। 

बता दें कि राज्य में वर्ष 1993 के बाद कोई भी दल लगातार दूसरी बार सरकार नहीं बना पाया है। तब भैरोंसिंह शेखावत के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी थी। इसके बाद 1998 व 2008 में कांग्रेस तो 2003 व 2013 में भाजपा सत्ता में रही। अब यहां गहलोत और पायलट के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। 

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के नतीजे 

छत्तीसगढ़ विधानसभ चुनाव के नतीजे



छत्तीसगढ़ में किसानों की ऋण माफी समेत फसलों के उचित मूल्य के कांग्रेस के वादे का दांव सफल रहा। यहां भाजपा को राज्य की 90 में से 15 सीटें मिलीं जबकि कांग्रेस पहली बार दो तिहाई बहुमत से जीती। कांग्रेस ने 68 सीटों के साथ जीत का विजय पताका फहराया। इसी के साथ कांग्रेस की इस ऐतिहासिक जीत ने 15 साल से चल रहे रमन सिंह के शासन का अंत कर दिया है। वहीं, बीएसपी को 2 और जनता कांग्रेस को 5 सीटों पर जीत मिली है। 

राज्य में मतदाताओं का गुस्सा इस कदर था कि रमन सिंह सरकार के पांच मंत्री ब्रजमोहन अग्रवाल, केदार कश्यप, महेश गगडा, दयालदास बघेल और अमर अग्रवाल चुनाव हार गए। राज्य में भाजपा की बड़ी हार का कारण अजित जोगी की जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ भी रही। पहली बार चुनाव में उतरी पार्टी को हालांकि खास कामयाबी तो नहीं मिली, लेकिन जोगी के अनुसार उनकी पार्टी भाजपा के वोट काटने में सफल रही। 

तेलंगाना विधानसभा चुनाव के नतीजे 


तेलंगाना में मुख्यमंत्री केसीआर का जादू मतदाताओं के सिर चढ़ कर बोला। राज्य की 119 में से 88 सीटों पर कब्जा कर सत्तारूढ़ टीआरएस ने सूबे में कांग्रेस गठबंधन की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इस चुनाव में कांग्रेस-तेलुगू देशम पार्टी गठबंधन को महज 22 सीटें मिली, जबकि भाजपा को एक ही सीट मिल पाई। इसके अलावा मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) को छह सीटें मिलीं। 

बता दें कि राज्य में जल्द चुनाव कराने के लिए केसीआर सरकार ने विधानसभा को भंग कर दिया था। हालांकि उनका यह दांव बेहद सफल साबित हुआ। 

 

मिजोरम विधानसभा चुनाव के नतीजे 

मिजोरम विधानसभा चुनाव के नतीजे

मिजोरम में हर 10 साल में सत्ता बदलने का इतिहास इस बार भी बरकरार रहा। विद्रोही से नेता बने जोरामथांगा के नेतृत्व में मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने राज्य की 40 में से 26 सीटों पर जीत दर्ज सत्ता में जोरदार वापसी की है। कांग्रेस को जनता ने बुरी तरह नकार दिया और उसे मात्र 5 सीटों पर जीत नसीब हुई। मुख्यमंत्री लल थनहावला को दोनों सीटों पर बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही कांग्रेस पूर्वोत्तर में सभी राज्यों से बाहर हो गई है। वहीं, भाजपा ने एक सीट जीतकर राज्य में पहली बार खाता खोला, जबकि अन्य के खाते में 8 सीटें गईं। 

बता दें कि इससे पहले एमएनएफ ने 1998 विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी और 21 विधायकों के साथ सरकार बनाई थी। इस दौरान जोरामथांगा पहली बार मुख्यमंत्री बने थे और अपना कार्यकाल पूरा किया था। उन्होंने साल 2003 के राज्य विधानसभा चुनाव में भी सत्ता बरकरार रखी और वह मुख्यमंत्री बने रहे। 

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