Assembly Election: मेघालय में NPP-UDP को कारण बताओ नोटिस, नगालैंड में कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली सूची जारी
मेघालय के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एफआर खारकोंगोर ने शनिवार को बताया कि पश्चिम शिलांग निर्वाचन क्षेत्र में एनपीपी और यूडीपी के उम्मीदवारों ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए मतदाताओं को मुफ्त उपहार बांटे थे। मेघालय, नगालैंड और त्रिपुरा में एक साथ 27 फरवरी को विधानसभा चुनाव होंगे और दो मार्च को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
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निर्वाचन आयोग ने मेघालय विधानसभा चुनाव में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने को लेकर नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं, कांग्रेस ने नगालैंड विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 21 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के. थेरी (K Therie) को दीमापुर-I सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।
मेघालय के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एफआर खारकोंगोर ने शनिवार को बताया कि पश्चिम शिलांग निर्वाचन क्षेत्र में दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए कथित रूप से मतदाताओं को प्रेशर कुकर और बाउल सेट बांटे।
मेघालय की कुल 60 विधानसभा सीटों के लिए 27 फरवरी को चुनाव होंगे और मतगणना दो मार्च को होगी। खारकोंगोर ने कहा कि राजनीतिक दलों एनपीपी और यूडीपी के उम्मीदवारों द्वारा आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किए जाने की रिपोर्ट के बाद हमने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। उनसे जवाब मांगा गया है। दोनों पार्टियों के महासचिव को पश्चिम शिलांग विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
आरोप है कि 28 और 30 जनवरी को नेशनल पीपुल्स पार्टी के उम्मीदवार मोहिंद्रो रापसांग और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के उम्मीदवार पॉल लिंगदोह ने कथित तौर पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए मतदाताओं को मुफ्त उपहार (प्रेशर कुकर और बाउल सेट) बांटे थे।
एनपीपी उम्मीदवार ने आरोपों से किया इनकार
रापसांग हाल ही में कांग्रेस छोड़ मुख्यमंत्री कोनराड संगमा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ एनपीपी में शामिल हो गए थे। पिछले बार वह विपक्षी कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे। उन्होंने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए मुफ्त उपहार बांटने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव की घोषणा से काफी पहले उनकी विधायक निधि से प्रेशर कुकर बांटे गए थे।
सीएम कोनराड संगमा ने किया पिता के समाधि स्थल का दौरा
एनपीपी प्रमुख कोनराड संगमा ने शनिवार को विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने से पहले तुरा में अपने पिता और पूर्व सीएम पीए संगमा के समाधि स्थल का दौरा किया। मेघालय सीएम कोनराड संगमा के साथ उनकी पत्नी भी थीं।
#WATCH | Meghalaya CM and NPP chief Conrad Sangma visits the grave of his father and former CM, PA Sangma before filing nomination for #MeghalayaElectiom2023 in Tura. pic.twitter.com/Pvj8Qj0HpW
— ANI (@ANI) February 4, 2023
नगालैंड विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने जारी की उम्मीदवार की पहली सूची
वहीं, कांग्रेस ने नगालैंड विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 21 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के. थेरी (K Therie) को दीमापुर-I सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद उम्मीदवारों की सूची जारी की गई। पार्टी ने एक बयान में कहा कि कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति ने आगामी नगालैंड विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगाई है।
कांग्रेस ने दीमापुर-II (ST) से एस अमेंटो चिस्ती, दीमापुर-III (ST) से वी लासुह, घासपानी-I से अकवी झिमोमी और टेनिंग (ST) से रोजी थॉमस को उम्मीदवार बनाया है। नगालैंड में विधानसभा चुनाव 27 फरवरी को होंगे और दो मार्च को नतीजे घोषित किए जाएंगे। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख सात फरवरी है।
लोजपा (रामविलास) ने नगालैंड चुनाव के लिए 19 उम्मीदवारों की घोषणा की
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने नगालैंड विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 19 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। पार्टी ने वाकचिंग सीट से वाईएम योलो कोन्याक (Y.M. Yollow Konyak) और चोजुबा निर्वाचन क्षेत्र से नगालैंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष छोतिशुह साजो (Chotishuh Sazo) को उम्मीदवार बनाया है। कोन्याक और साजो पहले सत्तारूढ़ एनडीडीपी में शामिल थे। लेकिन पार्टी ने इस बार दोनों का टिकट काट दिया था। लोजपा (रामविलास) पहली बार नगालैंड विधानसभा चुनाव लड़ रही है। लोजपा युवा अध्यक्ष प्रणब कुमार ने प्रत्याशियों को टिकट सौंपा।
ईएनपीओ का बहिष्कार का फैसला वापस लेना सराहनीय : शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ) के विधानसभा चुनाव के बहिष्कार के अपने फैसले को वापस लेने के कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार में विश्वास की अभिव्यक्ति है। अलग राज्य फ्रंटियर नगालैंड की मांग कर रहे ईएनपीओ ने छह जिलों मोन, तुएनसांग, लोंगलेंग, किफिरे, शमातोर और नोक्लाक में चुनाव बहिष्कार का एलान किया था। शाह ने ट्वीट किया कि यह खुशी की बात है कि ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ) ने नगालैंड में विधानसभा चुनाव के बहिष्कार करने की अपनी अपील को वापस ले लिया है। यह मोदी सरकार में विश्वास की अभिव्यक्ति है। इस फैसले से शांति और विकास की जारी प्रक्रिया को निर्बाध रखने में मदद मिलेगी। गृह मंत्री ने कहा कि वह ईएनपीओ की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करने वाले सकारात्मक भाव के लिए समूह के आभारी हैं। नगालैंड में 27 फरवरी को वोट डाले जाएंगे।