असम में बवाल: अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसक झड़प में दो की मौत, 9 पुलिसकर्मी घायल, कैमरामैन गिरफ्तार
असम सरकार ने दरांग जिले के ढोलपुर गोरुखुटी गांव में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया और इसी दौरान ये झड़प हुई। इसके तहत 800 परिवारों को हटाया गया।
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असम के दरांग जिले के सिपाझार में गुरुवार को अतिक्रमण हटाने को लेकर पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस झड़प में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है। इसके अलावा नौ पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की खबर है। ये झड़प तब हुई जब पुलिसकर्मियों की एक टीम अतिक्रमण हटाने के लिए इलाके में गई थी।
असम सरकार ने दरांग जिले के सिपाझार के गोरुखुटी गांव में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया था। इसके तहत करीब 800 परिवारों को हटाया गया। असम सरकार का दावा है कि ये लोग यहां अतिक्रमण करके रह रहे थे। इस गांव में ज्यादातर पूर्वी बंगाल मूल के लोग रहते हैं।
जिले के एसपी सुशांत बिस्वा सरमा ने कहा कि हिंसा में नौ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि सूचना के मुताबिक दो प्रदर्शनकारियों को गोली लगी है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।
स्पेशल डीजीपी जीपी सिंह ने कहा कि इस संबध में दिखाए जा रहे वीडियो में नजर आ रहे कैमरामैन को गिरफ्तार कर लिया गया है। असम सीआईडी ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है।
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पर ट्वीट किया- मैं राज्य के भाई और बहनों के साथ हूं। भारत का कोई भी नागरिक ऐसे बर्ताव का हकदार नहीं है।
जांच का एलान
इस बीच असम सरकार ने दरांग जिले के ढालपुर इलाके में हुई पुलिसकर्मियों सहित दो नागरिकों की मौत और कई अन्य लोगों को घायल करने की परिस्थितियों की जांच करने का फैसला किया है। गुवाहाटी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में यह जांच की जाएगी। असम सरकार ने गुरुवार को यह आदेश जारी किए।
Govt have decided to institute an inquiry into the circumstances leading to death of 2 civilians&injury to several others incl police personnel that took place at Dhalpur area, Darrang Dist today.Inquiry to be conducted under chairmanship of retired judge of Gauhati HC:Assam Govt pic.twitter.com/crhD4qN551
— ANI (@ANI) September 23, 2021
जानकारी के मुताबिक, इस गांव में पहली बार जून में भी ऐसा ही अभियान चलाया गया था। इसके बाद एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने यहां का दौरा किया था। कमेटी ने बताया था कि तब 49 मुस्लिम परिवार और एक हिंदू परिवार को यहां से हटाया गया था।