फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Assam: Three-day South-East Asia Cultural Conference, to be held in Guwahati from December 3

Assam: तीन दिवसीय दक्षिण-पूर्व एशिया सांस्कृतिक सम्मेलन, तीन दिसंबर से गुवाहाटी में होगा आयोजन

Mon, 28 Nov 2022 05:09 PM IST
विवेक दास एन. अर्जुन, गुवाहाटी
एन. अर्जुन, गुवाहाटी Published by: विवेक दास Updated Mon, 28 Nov 2022 05:09 PM IST
सार

Assam: शर्मा ने बताया कि यह पहली बार है जब पूर्वोत्तर में इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। गुवाहाटी स्थित श्रीशंकरदेव कलाक्षेत्र में होने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन का आगाज तीन दिसंबर को होगा और पांच दिसंबर तक चलेगा। सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक ताई नृत्य और बिहु नृत्य की कार्यशाला का आयोजन होगा।

विज्ञापन
Assam: Three-day South-East Asia Cultural Conference, to be held in Guwahati from December 3
दक्षिण पूर्व एशियाई सम्मेलन - फोटो : Social Media

विस्तार

असम के शहर गुवाहाटी में तीन दिवसयी दक्षिण-पूर्व एशिया सांस्कृतिक सम्मेलन का आगाज तीन दिसंबर को होगा और पांच दिसंबर तक चलेगा। यह सम्मेलन पहली बार हो रहा है। नॉर्थ-ईस्ट आशीर्वाद फाइउंडेशन के तत्वावधान होने वाले इस सम्मेलन में भारत सहित बांग्लादेश, भूटान, लाओस पीडीआर, नेपाल, थाईलैंड और वियतनाम की लोक परंपरा और सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी। यह जानकारी कार्यक्रम के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. खगेन शर्मा ने दी।

विज्ञापन


शर्मा ने बताया कि यह पहली बार है जब पूर्वोत्तर में इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। गुवाहाटी स्थित श्रीशंकरदेव कलाक्षेत्र में होने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन का आगाज तीन दिसंबर को होगा और पांच दिसंबर तक चलेगा। सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक ताई नृत्य और बिहु नृत्य की कार्यशाला का आयोजन होगा। शाम चार बजे इस सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन होगा, जिसमें असम के सांस्कृतिक मंत्री बिमल बरा मुख्य अतिथि होंगे। उनके अलावा अरुणाचल प्रदेश के कृषिमंत्री टागे टाकि, असम के स्वास्थ्य मंत्री केशव महंतऔर असम के मंत्री जोगेन मोहन के अलावा विभिन्न देशों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
विज्ञापन


उद्घाटन समारोह में असम का प्रसिद्ध सत्रीय नृत्य, गणेश बंदना, थाईलैंड का नृत्य, अरुणाचल प्रदेश का आदि नृत्य और भरत नाट्यम की प्रस्तुति होगी। इसी तरह से अगले दो दिनों तक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इसी तरह से चार और पांच दिसंबर को भी भारत सहित विभिन्न देशों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


शर्मा ने बताया कि इसका मकसद पड़ोसी देशों के साथ सांस्कृतिक धरोहरों का आदान-प्रदान और एक-दूसरे की संस्कृति को समझना है। एक-दूसरे की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करना। इसके पड़ोसी देशों के साथ व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देना। नए और बेहतरीन कलाकारों को नया मंच प्रदान करना।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed