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असम सरकार ने कहा, इस साल 56 बार हुआ जमीन पर अतिक्रमण का प्रयास
Mon, 28 Dec 2020 07:36 PM IST
दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Mon, 28 Dec 2020 07:36 PM IST
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Assam CM Sarbananada Sonowal
- फोटो : ANI
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असम सरकार ने सोमवार को कहा कि उसके पड़ोसी राज्यों ने इस साल 56 बार उसकी जमीन का अतिक्रमण किया है। विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया के प्रश्न के लिखित उत्तर में असम सरकार ने यह जानकारी दी।
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असम सरकार ने सोमवार को विधानसभा को सूचित किया कि वर्ष 2020 में अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नगालैंड और मिजोरम जैसे पड़ोसी राज्यों द्वारा भूमि अतिक्रमण की 56 घटनाओं का उसे सामना करना पड़ा। विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया के प्रश्न के लिखित उत्तर में संसदीय मामलों के मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने बताया कि इस साल एक जनवरी से 11 जिलों में भूमि अतिक्रमण की घटनाएं सामने आईं हैं।
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अतिक्रमण की घटनाएं सबसे ज्यादा कछार में हुईं
मुख्यमंत्री सर्वांनद सोनोवाल की ओर से पटवारी ने बताया कि कछार से सबसे ज्यादा 17 मामले सामने आए, जिसके कारण असम और मिजोरम के लोगों के बीच हिंसक झड़पें हुई। उन्होंने कहा कि कछार में झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
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मंत्री ने कहा कि कछार के बाद वेस्ट कर्बी आंगलोंग और कामरूप जिलों से भूमि अतिक्रमण की सात घटनाएं सामने आई। उन्होंने कहा कि लखीमपुर (छह मामले),धेमाजी और कर्बी आंगलोंग (पांच-पांच मामले), जोरहाट (चार मामले), करीमगंज (दो) और सादिया, तिनसुकिया और शिवसागर से एक-एक मामला सामने आया। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण वाली जमीन को वापस लेने के लिए असम सरकार ने संबंधित राज्यों और केंद्र को कई पत्र लिखे हैं।