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असम: कर्फ्यू के दौरान दिखा सांप्रदायिक सौहार्द, मुस्लिम शख्स ने की हिंदू महिला की मदद

Thu, 16 May 2019 02:11 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हेलाकांडी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हेलाकांडी Published by: Sneha Baluni Updated Thu, 16 May 2019 02:11 PM IST
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Assam: muslim man drove his auto rickshaw fast so hindu woman could reach hospital on time
कर्फ्यू के दौरान जन्मे बच्चे शांति को गोद में पकड़े हुई जिलाधिकारी - फोटो : ANI

असम के हेलाकांडी प्रशासन ने सोमवार को 10 दिनों के लिए रात्रि कर्फ्यू लगाया था। यह कर्फ्यू इसलिए लगाया गया था क्योंकि सांप्रदायिक दंगों के दौरान एक मुस्लिम शख्स की हत्या हो गई और 14 लोग घायल हो गए थे। इसी बीच 12 मई को कर्फ्यू के दौरान एक बच्ची का जन्म हुआ लेकिन उसे ले जाने के लिए कोई वाहन मौजूद नहीं था। तभी बच्ची के पिता ने अपने मुस्लिम दोस्त से मदद मांगी और उसने कर्फ्यू के दौरान पुलिस का सामना करने की हिम्मत दिखाई।

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अपने होठों पर प्रार्थना करते हुए एक मुस्लिम शख्स ने 12 मई को अपना ऑटोरिक्शा काफी तेजी से चलाया ताकि प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को सही समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके। अस्पताल में महिला ने एक लड़के को जन्म दिया जिसका नाम उन्होंने शांति रखा है। जिला अधीक्षक मोहनीश मिश्रा के साथ हेलाकांडी उपायुक्त कीर्ति जल्ली बुधवार को रुबोन दास और नंदिता के घर पहुंचे जो नवजात के माता-पिता हैं। 
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जल्ली ने कहा, 'हमें यह कहानी पसंद आई। हम हिंदू मुस्लिम सद्भाव और एकता के और उदाहरण चाहते हैं।' उन्होंने मकबूल को भी धन्यवाद दिया जो रुबोन का दोस्त है और जिसने समय पर महिला को अस्पताल पहुंचाया। रुबोन ने बताया कि वह अपने प्रियजनों को मदद के लिए लगातार फोन कर रहे थे। उन्हें नंदिता को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस चाहिए थी क्योंकि वह प्रसव पीड़ा से कराह रही थी।
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रुबोन ने कहा, 'मैं अपनी पत्नी को शांत करने की कोशिश करते हुए कह रहा था कि कोई जरूर हमें अस्पताल तक ले जाएगा।' हालांकि कर्फ्यू प्रभावित क्षेत्र में कोई उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया और नंदिता का दर्द बढ़ गया। इसी बीच रुबोन के दोस्त और पड़ोसी मकबूल ने नंदिता के कराहने की आवाज सुनी तो वह अपना ऑटोरिक्शा लेकर उनके घर आए और जोड़े को अस्पताल लेकर पहुंचे। सुबह साढ़े पांच बजे नंदिता ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।

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