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असम-मेघालय सीमा विवाद: समझौते के 39 माह बाद विवादित भूमि पर पहला सीमा स्तंभ स्थापित; CM हिमंत ने कही यह बात
Sat, 05 Jul 2025 02:32 AM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी / शिलॉन्ग।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी / शिलॉन्ग।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sat, 05 Jul 2025 02:32 AM IST
सार
असम और मेघालय का सीमा विवाद सुलझाने के लिए मार्च, 2022 में समझौता हुआ था। इस समझौते के तीन साल से अधिक समय (39 माह) बीतने के बाद पहली बार विवादित क्षेत्र में स्तंभ की स्थापना की गई है। असम के मुख्यमंत्री ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि विवादित क्षेत्र में पहला सीमा स्तंभ स्थापित हुआ है, जो स्पष्टता और शांति का प्रतीक है।
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असम मेघालय सीमा विवाद के बीच पहला स्तंभ स्थापित
- फोटो : एक्स@himantabiswa
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विस्तार
असम और मेघालय के बीच दशकों पुराने सीमा विवाद को सुलझाने की दिशा में अंतर-राज्यीय सीमा पर विवादित क्षेत्र में पहला सीमा स्तंभ स्थापित किया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। हालांकि, उन्होंने इसका स्थान स्पष्ट नहीं किया। सरमा ने कहा, जब 1972 में मेघालय असम से अलग होकर एक नया राज्य बना था, तब उसकी सीमा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अस्पष्ट रह गया था। इससे अकसर दोनों राज्यों के बीच अव्यवस्था और तनाव की स्थिति उत्पन्न होती रही है।
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पीएम मोदी के नेतृत्व और गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हुआ था ऐतिहासिक समझौता
मुख्यमंत्री सरमा ने अपने मेघालय समकक्ष कॉनराड संगमा को टैग करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, दोनों राज्यों ने गठन के 50 साल बाद 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति में ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता दोनों राज्यों ने राष्ट्रीय राजधानी में किया था।
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12 विवादित क्षेत्रों में से छह का समाधान कर लिया गया
सीमा विवाद को सुलझाने की पहल के तहत हुए समझौते के अंतर्गत दोनों राज्यों सीमाओं को परिभाषित किया गया था। 12 विवादित क्षेत्रों में से छह का समाधान कर लिया गया है और उस समझौते के तहत सीमा स्तंभ स्थापित किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि दोनों मुख्यमंत्रियों ने 2 जून को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की थी कि स्वतंत्रता दिवस तक पांच विवादित क्षेत्रों में सीमा स्तंभ स्थापित किए जाएंगे।
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तीन साल पहले गृह मंत्री शाह ने क्या कहा था?
बता दें कि मार्च, 2022 में असम व मेघालय के बीच 50 साल पुराना सीमा विवाद खत्म हुआ था। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूदगी में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। रहे। अमित शाह ने समझौते का ब्योरा देते हुए कहा था, "मुझे खुशी है कि आज विवाद की 12 जगहों में से 6 पर असम और मेघालय के बीच समझौता हुआ है। सीमा की लंबाई की दृष्टि से देखें तो लगभग 70% सीमा आज विवाद मुक्त हो गई है। मुझे भरोसा है कि बाकी की 6 जगहों को भी हम निकट भविष्य में सुलझा देंगे।" बकौल शाह, "आज का दिन एक विवाद मुक्त पूर्वोत्तर के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि देश में जब से मोदी प्रधानमंत्री बने हैं तब से पूर्वोत्तर की शांति प्रक्रिया, विकास, समृद्धि और यहां की सांस्कृतिक धरोहर के संवर्धन के लिए अनेक प्रयास किए गए हैं।