फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   assam insurgency dima hasao impose section 144 for signing peace pact between centre state and dnla dpsc

Assam: असम में हुआ उग्रवाद का अंत! त्रिपक्षीय समझौते के बाद दिमा हसाओ जिले में धारा 144 लागू

Fri, 28 Apr 2023 10:58 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 28 Apr 2023 10:58 AM IST
सार

समझौते के तहत असम सरकार द्वारा दिमासा वेलफेयर काउंसिल का गठन किया जाएगा, जो दिमासा लोगों के सामाजिक, सांस्कृतिक, भाषाई, राजनीतिक, आर्थिक और शिक्षा का संरक्षण करेगी।

विज्ञापन
assam insurgency dima hasao impose section 144 for signing peace pact between centre state and dnla dpsc
अमित शाह के साथ असम के मुख्यमंत्री सरमा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

असम में उग्रवाद जल्द खत्म होने की उम्मीद बंध गई है। दरअसल गुरुवार को केंद्र सरकार, असम सरकार और उग्रवादी संगठन दिमासा नेशनल लिब्रेशन आर्मी (DNLA)/ दिमासा पीपल्स सुप्रीम काउंसिल (DPSC) के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता हुआ। इस समझौते के तहत उग्रवादी संगठन हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बनेंगे। इसके साथ ही माना जा रहा है कि असम में उग्रवाद का अंत हो जाएगा। वहीं समझौते के बाद आज ऐहतियातन दिमा हसाओ जिले में धारा 144 लागू की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। 

विज्ञापन


क्या हैं समझौते के प्रावधान
समझौते के तहत दिमासा नेशनल लिब्रेशन आर्मी के 168 से ज्यादा कैडर हथियार डालेंगे और मुख्यधारा में शामिल होंगे। समझौते के तहत असम सरकार द्वारा दिमासा वेलफेयर काउंसिल का गठन किया जाएगा, जो दिमासा लोगों के सामाजिक, सांस्कृतिक, भाषाई, राजनीतिक, आर्थिक और शिक्षा का संरक्षण करेगी। साथ ही दिमासा लोगों के लिए तेजी से विकास किया जाएगा। समझौते के तहत संविधान के छठे शेड्यूल के पैराग्राफ 14 के तहत एक कमीशन का गठन किया जाएगा, जो इस बात की जांच करेगा कि नॉर्थ चाचर हिल्स ऑटोनोमस काउंसिल (NCHAC) के कुछ गांवों को दिमासा काउंसिल में शामिल किया जा सकता है या नहीं। बता दें कि इसकी मांग की जा रही है।  
विज्ञापन


समझौते के तहत केंद्र और असम सरकार आत्मसमर्पण करने वाले कैडर के पुनर्वास के लिए कदम उठाएंगी। केंद्र और राज्य सरकार 500-500 करोड़ रुपए देकर एक विशेष डेवलेपमेंट पैकेज बनाएंगी, जो अगले पांच साल में एनसीएचएसी और राज्य के अन्य हिस्सों में रहने वाले दिमासा लोगों की भलाई के लिए खर्च किए जाएंगे। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा और गृह मंत्रालय के कुछ शीर्ष अधिकारी समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान मौजूद रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या बोले अमित शाह
बता दें कि केंद्र सरकार, असम सरकार और दिमासा नेशनल लिब्रेशन आर्मी के बीच समझौते पर हस्ताक्षर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुए। वहीं शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुशी जाहिर की और कहा कि इससे 2024 तक उत्तर पूर्व उग्रवाद मुक्त होने में मदद मिलेगी और उत्तर पूर्व में शांति और समृद्धि आएगी। 


पूर्वोत्तर के लिए बहुत अच्छी खबर: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के दीमा हसाओ जिले में सक्रिय जनजातीय उग्रवादी समूह दिमासा नेशनल लिबरेशन आर्मी (डीएनएलए) के हिंसा छोड़ मुख्यधारा में शामिल होने के फैसले को पूर्वोत्तर में शांति और प्रगति के लिए बहुत अच्छी खबर बताया। इस संबंध में शाह की ओर से किए गए एक ट्वीट के जवाब में मोदी ने कहा कि पूर्वोत्तर की प्रगति और शांति के लिए यह बहुत अच्छी खबर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed