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असम : एनआरसी से बाहर लोगों के भाग्य का फैसला करेगी उच्च स्तरीय समिति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 29 Nov 2018 05:35 AM IST
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असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद बिना दस्तावेज वाले लोगों के भविष्य को लेकर योजना तैयार करने के लिए केंद्र सरकार उच्च स्तरीय समिति बनाएगी। मंगलवार रात गृहमंत्री राजनाथ सिंह, असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, गृह सचिव राजीव गौबा और आईबी के निदेशक राजीव जैन की मौजूदगी में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। समिति में केंद्र और असम सरकार के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
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असम में एनआरसी से बाहर रखे गए 40 लाख लोगों में से केवल छह लाख लोगों ने ही भारतीय नागरिक होने का दावा किया है। ये लोग अपना नाम शामिल करवाने के लिए आवेदन और संबंधित दस्तावेज जमा करा चुके हैं। बैठक में शामिल एक सदस्य ने बुधवार को बताया कि उच्च स्तरीय समिति यह फैसला करेगी कि बिना दस्तावेज वाले लोगों के साथ क्या किया जाए।
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समिति सभी उपलब्ध विकल्पों पर विचार करेगी। अभी तक केवल छह लाख लोगों के आवेदन आए हैं, इसका मतलब है कि 34 लाख लोगों के पास नागरिकता साबित करने के पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि अधिकारी ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि क्या सरकार इन लोगों को वर्क परमिट देने पर विचार कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने एनआरसी पर दावा या आपत्ति दर्ज कराने के लिए 25 सितंबर से 15 दिसंबर तक समय दिया था।
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