फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   assam floods heavy rain thousands affected railway bridge damaged himanta biswa sarma relief

असम में बाढ़ से हाहाकार: अब तक 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित, सीएम हिमंत ने दिए राहत-बचाव के निर्देश

Mon, 29 Jun 2026 12:22 AM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: अमन तिवारी Updated Mon, 29 Jun 2026 12:22 AM IST
सार

असम के छह जिलों में बाढ़ से 22,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। धेमाजी सबसे ज्यादा प्रभावित है, जबकि रेलवे पुल क्षतिग्रस्त होने से ट्रेन सेवाएं रोक दी गई हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है।

विज्ञापन
assam floods heavy rain thousands affected railway bridge damaged himanta biswa sarma relief
भारी बारिश से असम में जनजीवन बेहाल - फोटो : ANI

विस्तार

असम और उसके पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से बाढ़ की स्थिति बन गई है। अधिकारियों ने रविवार को जानकारी दी कि राज्य के छह जिलों में 22,000 से अधिक लोग इस आपदा की चपेट में हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के आंकड़ों के मुताबिक, धेमाजी, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और कोकराझार जिलों में कुल 22,124 लोग प्रभावित हुए हैं।
विज्ञापन


धेमाजी जिला बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां 15,483 लोग बढ़ते जलस्तर की वजह से संकट का सामना कर रहे हैं। बाढ़ के पानी ने 96 गांवों को पूरी तरह डुबो दिया है। इस आपदा ने लगभग 1,690 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को भी नष्ट कर दिया है। इंसानों के साथ-साथ 48,199 जानवर भी इस बाढ़ की मार झेल रहे हैं। लगातार हो रही बारिश ने ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर को बढ़ा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, शिवसागर जिले के नांगलामुराघाट में दिसांग नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
विज्ञापन




मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार को कहा कि सरकार धेमाजी जिले में राहत और पुनर्वास के लिए संसाधन जुटा रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि वह स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लोगों के जीवन पर पड़े इस प्रभाव से बहुत दुखी हैं। इस कठिन समय में सरकार लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहेन और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंत को धेमाजी में ही रुकने का निर्देश दिया है। ये दोनों मंत्री वहां रहकर राहत प्रक्रिया की पूरी निगरानी करेंगे। सरकार प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और उनके लंबे समय के पुनर्वास को प्राथमिकता दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


धेमाजी जिले में भारी बारिश और मिट्टी के कटाव की वजह से सिमेन नदी पर बना एक रेलवे पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने बताया कि अर्चिपथार और सिमेन चापरी स्टेशनों के बीच ट्रेनों की आवाजाही अनिश्चित काल के लिए रोक दी गई है। यह पुल साल 1965 में बना था और बाद में इसे ब्रॉड गेज में बदला गया था। भारी बारिश के कारण नदी का किनारा बह जाने से पुल का एक खंभा अस्थिर हो गया है।


ये भी पढ़ें: पूर्वोत्तर में बारिश बनी आफत: असम में पुल बहा, अरुणाचल में भूस्खलन से हालात बिगड़े; कई इलाकों का संपर्क टूटा

रेलवे ने स्पष्ट किया कि किसी भी ट्रेन को नुकसान नहीं पहुंचा है और न ही कोई व्यक्ति घायल हुआ है। यह एक कम ट्रैफिक वाली लाइन है और नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से ट्रैफिक पहले ही रोक दिया गया था। तिनसुकिया डिवीजन के तहत मुरकोंगसेलेक और सिलापाथर के बीच ट्रेन सेवाएं अगले आदेश तक बंद रहेंगी। इस रूट की ट्रेनें सिलापाथर तक ही चलेंगी और वहीं से वापस लौटेंगी। यात्रियों की मदद के लिए धेमाजी, सिलापाथर और मुरकोंगसेलेक स्टेशनों पर हेल्प डेस्क खोले गए हैं। यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए बसों का इंतजाम भी किया गया है। रेलवे अधिकारी राज्य सरकार के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed