Assam Flood: बाढ़ के पानी में डूबा कैंसर अस्पताल, गंभीर मरीजों की बढ़ी परेशानी, सड़क पर ही हो रहा उपचार
कैंसर अस्पताल के निदेशक ने कहा, मरीजों के लिए अस्पताल एक दिन के लिए भी बंद नहीं किया जा सकता है। बाहर के कैंसर मरीजों को हल्का इलाज दिया जाता था, गंभीर इलाज की जरूरत वाले मरीजों को ही अंदर रखा जाता था।
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Assam | A cancer hospital remains inundated under floodwaters in Silchar town in Cachar district. The flood situation is improving in the district due to receding water pic.twitter.com/UjqduxSM7D
— ANI (@ANI) June 28, 2022विज्ञापन
सड़क पर कीमोथेरेपी और प्रारंभिक निदान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य में बराक घाटी में स्थित 150 बेड वाला कैंसर अस्पताल व अनुसंधान केंद्र कई दिनों से पानी मे डूबे हुए हैं। स्थिति इतनी विकट है है कि मरीजों का उपचार सड़क पर ही किया जा रहा है। अस्पताल के संसाधन जुटाने वाले विभाग के प्रमुख दर्शन आर ने अपने ट्विटर हैंडल से कहा, "प्रक्रिया जो बाहर की जा सकती है, जैसे कीमोथेरेपी और प्रारंभिक निदान, हम सड़क पर कर रहे हैं जहां कम से कम जल-जमाव है।"
The Cachar Cancer Hospital in Silchar is in need of help because of the ravages of the Assam floods. Many parts of the hospital are under water, but they are still maintaining cancer services through whatever means are available. Please share this appeal to support them. pic.twitter.com/Kgzc2Hmjnh
— Prathamesh Pai (@drprathameshpai) June 26, 2022
नदी में डूबा पुलिस थाना
असम में बीते एक महीने से कई जिलों में लाखों लोग बाढ़ की समस्या का सामना कर रहे हैं। वहीं कई लोगों की जानें भी जा चुकी हैं। असम के नलबाड़ी जिले में बाढ़ के कारण भंगनामारी पुलिस थाने की दो मंजिला इमारत का एक हिस्सा डूब गया है। ब्रह्मपुत्र नदी के तेज बहाव से थाना पूरी तरह से ढहकर पानी में डूब गया।
#WATCH | A part of the two-storied building of Bhangnamari police station sinks due to flood in Assam's Nalbari district
— ANI (@ANI) June 28, 2022
(Source: Unverified) pic.twitter.com/CMHpcgpHmN
सीएम सरमा ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बजली के भबानीपुर के बाढ़ प्रभावित इलाके चरालपारा नयापारा का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे। हम ऐसे लोगों की सूची भी तैयार कर आगे की कार्रवाई करेंगे।
मुख्यमंत्री ने अपने एक ट्वीट में जानकारी दी कि इससे पहले उन्होंने अपने कैबिनेट सहयोगी रजनीत कुमार दास के साथ बाढ़ के ताजा हालात और कालदिया नदी के उफान से हुई क्षति को समझने के लिए बजली के पटारकुची में कुवारा का भी दौरा किया।#WATCH | Assam CM Himanta Biswa Sarma visited flood-affected areas of Charalpara Nayapara at Bhabanipur, Bajali.#AssamFloods
— ANI (@ANI) June 28, 2022
(Video Source: Himanta Biswa Sarma's Twitter) pic.twitter.com/W6bqqhAfkq
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि असम की ब्रह्मपुत्र नदी के पास स्थित कई अन्य क्षेत्रों में बाढ़ का पानी कम होना शुरू हो गया है, लेकिन कछार और उसके पड़ोसी करीमगंज और हैलाकांडी जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है।
असम और पड़ोसी बांग्लादेश में हाल के हफ्तों में विनाशकारी बाढ़ से 150 से अधिक लोग मारे गए हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं, और कुछ निचले इलाकों में घर जलमग्न हो गए हैं।
असम राज्य प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक रविवार को 28 जिलों में प्रभावितों की कुल संख्या घटकर 22.21 लाख हो गई जबकि पिछले दिन यह आंकड़ा 25.10 लाख था। कोपिली, बराक और कुशियारा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहर रही हैं।
बुलेटिन में बताया गया कि राज्यभर में 75 राजस्व मंडलों के तहत 2542 गांव बाढ़ की मौजूदा लहर से प्रभावित हैं जबकि 2,17,413 लोगों ने 564 राहत शिविरों में शरण ली है।