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Assam: गीता श्लोक के गलत अनुवाद पर सीएम हिमंता सरमा ने मांगी माफी, जातीय भेदभाव को बढ़ावा देने के लगे थे आरोप
Fri, 29 Dec 2023 10:46 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 29 Dec 2023 10:46 AM IST
सार
सीएम ने लिखा कि 'मैं रुटीन तौर पर भगवद गीता का एक श्लोक हर सुबह अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करता हूं। अभी तक मैंने 668 श्लोक पोस्ट किए हैं।'
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असम के सीएम
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
असम के सीएम हिमंता बिस्व सरमा अपने एक पोस्ट को लेकर आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं। हालांकि विवाद बढ़ने पर अब सीएम ने माफी मांग ली है। दरअसल हिमंता बिस्व सरमा ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भगवद गीता का एक श्लोक पोस्ट किया था। इस पोस्ट में श्लोक का अनुवाद गलत किया गया था। जिसके चलते असम सीएम का यह पोस्ट राजनीतिक विवाद में फंस गया।
असम सीएम ने मांगी माफी
असम सीएम हिमंता बिस्व सरमा ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। इस पोस्ट में सीएम ने लिखा कि 'मैं रुटीन तौर पर भगवद गीता का एक श्लोक हर सुबह अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करता हूं। अभी तक मैंने 668 श्लोक पोस्ट किए हैं। हाल ही में मेरी टीम एक सदस्य ने भगवद गीता के पृष्ठ 18 के श्लोक 44 का गलत अनुवाद कर दिया था। जैसे ही मैंने इसे नोटिस किया तो मैंने पोस्ट को डिलीट कर दिया। अगर मेरे डिलीट पोस्ट से किसी को दुख पहुंचा तो मैं उनसे माफी मांगता हूं।'
राजनीतिक विवाद की वजह बना ट्वीट
असम सीएम के डिलीट ट्वीट से राजनीतिक विवाद हो गया था। विपक्षी नेताओं ने असम सीएम पर जातीय भेदभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाए थे। दरअसल असम सीएम के ट्वीट के अनुवाद में लिखा गया था कि शूद्रों का कर्तव्य है कि वह अन्य तीन जातियों- ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्यों की सेवा करें।
एआईएमआईएम चीफ ने साधा निशाना
एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने असम सीएम पर निशाना साधते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि 'हाल ही में एक डिलीट पोस्ट में असम सीएम ने समाज को लेकर अपना विजन बताया। 'खेती, गौ-पालन और व्यापार वैश्यों का कर्तव्य है और ब्राह्मणों, क्षत्रियों और वैश्यों की सेवा करना शूद्रों का कर्तव्य है।' एक संवैधानिक पद पर बैठकर आपने सभी नागरिकों को समान मानने की शपथ ली है। इससे पता चलता है कि असम के मुस्लिमों को किसी निर्दयता का सामना करना पड़ रहा होगा।' ओवैसी ने आखिरी में लिखा कि हिंदुत्व स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय का विरोधी है।
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असम सीएम ने मांगी माफी
असम सीएम हिमंता बिस्व सरमा ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। इस पोस्ट में सीएम ने लिखा कि 'मैं रुटीन तौर पर भगवद गीता का एक श्लोक हर सुबह अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करता हूं। अभी तक मैंने 668 श्लोक पोस्ट किए हैं। हाल ही में मेरी टीम एक सदस्य ने भगवद गीता के पृष्ठ 18 के श्लोक 44 का गलत अनुवाद कर दिया था। जैसे ही मैंने इसे नोटिस किया तो मैंने पोस्ट को डिलीट कर दिया। अगर मेरे डिलीट पोस्ट से किसी को दुख पहुंचा तो मैं उनसे माफी मांगता हूं।'
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As a routine I upload one sloka of Bhagavad Gita every morning on my social media handles. Till date, I have posted 668 slokas.
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Recently one of my team members posted a sloka from Chapter 18 verse 44 with an incorrect translation.
As soon as I noticed the mistake, I promptly… — Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) December 28, 2023
राजनीतिक विवाद की वजह बना ट्वीट
असम सीएम के डिलीट ट्वीट से राजनीतिक विवाद हो गया था। विपक्षी नेताओं ने असम सीएम पर जातीय भेदभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाए थे। दरअसल असम सीएम के ट्वीट के अनुवाद में लिखा गया था कि शूद्रों का कर्तव्य है कि वह अन्य तीन जातियों- ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्यों की सेवा करें।
एआईएमआईएम चीफ ने साधा निशाना
एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने असम सीएम पर निशाना साधते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि 'हाल ही में एक डिलीट पोस्ट में असम सीएम ने समाज को लेकर अपना विजन बताया। 'खेती, गौ-पालन और व्यापार वैश्यों का कर्तव्य है और ब्राह्मणों, क्षत्रियों और वैश्यों की सेवा करना शूद्रों का कर्तव्य है।' एक संवैधानिक पद पर बैठकर आपने सभी नागरिकों को समान मानने की शपथ ली है। इससे पता चलता है कि असम के मुस्लिमों को किसी निर्दयता का सामना करना पड़ रहा होगा।' ओवैसी ने आखिरी में लिखा कि हिंदुत्व स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय का विरोधी है।