असम: सीएम की यात्रा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोका गया यातायात, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लगाई फटकार
सड़क का शिलान्यास करने गए मुख्यमंत्री की यात्रा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात रोकने के लिए मुख्यमंत्री सरमा ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने राष्ट्रीय राजमार्ग 37 पर गुमोथागांव के पास यातायात जाम लगने पर नगावं के उपायुक्त निसर्ग हिवारे को फटकार लगाई। मुख्यमंत्री यहां एक सड़क का शिलान्यास करने के लिए गए थे। इस घटना को लेकर सरमा ने कहा, 'मैंने संबंधित अधिकारियों को मेरे लिए यातायात रोकने के लिए फटकार लगाई, मैंने स्पष्ट निर्देश दिया था कि मेरी यात्रा के दौरान लोगों को असुविधा न होने पाए। 15 मिनट से अधिक समय के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवरोध रहा, इसमें एंबुलेंस भी फंसी थी। यह वीआईपी कल्चर अब असम में स्वीकार्य नहीं है।'
सीएम ने अधिकारी को डांटते हुए कहा, “ये क्या नाटक है? कोई राजा-महाराजा आ रहा है क्या…ऐसा मत करो। लोगों को कष्ट हो रहा… जाने दो गाड़ी को।” घटना की एक वीडियो क्लिप स्थानीय टीवी समाचार चैनलों पर दिखाई गई और यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। जहां कुछ लोगों ने सरमा के इस कदम की सराहना की, वहीं कई लोगों ने जनता के सामने एक आईएएस अधिकारी के साथ "दुर्व्यवहार" करने के लिए उनकी आलोचना की।
वीडियो में दिख रहा है कि सरमा राजमार्ग पर खड़े हैं और एक बस तथा एक ट्रक उनके सामने प्रतीक्षा कर रहा है। कई अधिकारियों के साथ उनके निजी सुरक्षा अधिकारी उनके आसपास खड़े दिख रहे हैं। वीडियो में एक समय सरमा कहते हैं, 'एसपी को बुलाओ'। इसके बाद वह कहते हैं, 'अरे डीसी साहब, ये क्या नाटक है? क्यूं गाड़ी रुकवाई है? कोई राजा-महाराजा आ रहा है क्या?'
जब हिवारे ने कुछ कहने की कोशिश की तो सरमा द्वारा जोर से यह कहते सुना गया- 'हट! ऐसा मत करो आगे। लोगों को कष्ट हो रहा हैं (भविष्य में ऐसा मत करना! लोगों को कष्ट होता हैं)।'
इसके बाद मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर लिखा, “अपने राज्य में हम एक ऐसी संस्कृति बनाना चाहते हैं, जहां किसी भी तरह के बैकग्राउंड या लोकप्रियता होने के बावजूद, डीसी, एसपी या कोई भी सरकारी कर्मचारी/जन प्रतिनिधि सिर्फ लोगों के लिए काम करेगा। मानसिकता बदलना आसान नहीं है, लेकिन हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दृढ़ हैं- जनता ही जनार्दन।”
मुख्यमंत्री ने बाद में अपने व्यवहार का बचाव किया और कहा कि वह ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं जहां एक लोक सेवक केवल लोगों के लिए काम करे। सरमा स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष के उपलक्ष्य में नगांव नगर पालिका बोर्ड द्वारा बनाए गए एक पार्क और कोलोंग नदी पर एक पुल का उद्घाटन करने के लिए नगांव जिले में थे। उन्होंने कुछ अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों में भी भाग लिया।
हाल ही में सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा था कि अपराध से लड़ने, जांच की गुणवत्ता बेहतर बनाने और जन हितैषी बनने के लिए पुलिस को अपनी भूमिका और फोकस दोनों में बदलाव करना होगा। उन्होंने नई चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य पुलिस द्वारा सुरक्षा एजेंसियों, खास तौर से सेना और वायुसेना के साथ समन्वय करने की जरुरत पर जोर दिया था।
मामले में शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सरमा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डीसी नगांव प्रोटोकॉल ड्यूटी का ही पालन कर रहे थे। यदि सीएम अपने प्रोटोकॉल को तोड़ना चाहते हैं, तो डीसी का अनादर करने के बजाय वे नए मानदंडों के लिए अधिसूचना जारी कर सकते हैं। यह सब पब्लिसिटी है और इसको हासिल करने के लिए एक अधिकारी को अपमानित करना निंदनीय है।