{"_id":"613a87f0da8fc54a4135f4de","slug":"assam-cm-hemanta-biswasarma-says-the-criminal-case-will-be-registered-in-brahmaputra-river-boat-accident-case-will-be-high-level-investigation","type":"story","status":"publish","title_hn":"असम : सीएम बिस्वासरमा ने कहा- ब्रह्मपुत्रनदी नौका दुर्घटना मामले में दर्ज होगा आपराधिक मामला, होगी उच्चस्तरीय जांच","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
असम : सीएम बिस्वासरमा ने कहा- ब्रह्मपुत्रनदी नौका दुर्घटना मामले में दर्ज होगा आपराधिक मामला, होगी उच्चस्तरीय जांच
Fri, 10 Sep 2021 03:47 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, जोरहाट
एजेंसी, जोरहाट
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 10 Sep 2021 03:47 AM IST
सार
जोरहाट में ब्रह्मपुत्र नदी में हुई नौका दुर्घटना मामले में बुधवार को घटनास्थल पहुंचे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वासरमा ने कहा, प्रारंभिक जांच से पता चला है कि कुप्रबंधन के कारण दुर्घटना हुई। उसके बाद सीएम ने पुलिस को दुर्घटना के संबंध में आपराधिक मामला दर्ज करने को कहा है।
विज्ञापन
Himanta Biswasarma
- फोटो : ANI
विस्तार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वासरमा ने जोरहाट में ब्रह्मपुत्र नदी में हुई नौका दुर्घटना मामले में बृहस्पतिवार को पुलिस को आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग लापता हैं।
विज्ञापन
हालात का जायजा लेने के लिए घटनास्थल पहुंचे सरमा ने कहा, प्रारंभिक जांच से पता चला है कि कुप्रबंधन के कारण दुर्घटना हुई। यह दुर्घटना बुधवार को हुई। उन्होंने कहा, मैंने जोरहाट पुलिस को दुर्घटना के संबंध में आपराधिक मामला दर्ज करने को कहा है।
विज्ञापन
दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय जांच होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दस ऐसी निजी मशीनीकृत नौकाएं हैं, जो निमती घाट से माजुली के बीच चलती हैं। इनमें एक इंजन लगे हुए हैं और ये इंजन समुद्री इंजन नहीं हैं। यदि कोई नौका मालिक इन्हें समुद्री इंजन वाली नौका बनाना चाहता है तो हम उनकी सहायता करेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, आज से एकल इंजन वाली सभी नौकाओं के संचालन पर रोक लगाई जाती है। ये इंजन समुद्री इंजन नहीं हैं। अगर कोई नौका मालिक इसे समुद्री इंजन में रूपांतरित करना चाहता है तो हम उसकी सहायता करेंगे। उन्होंने बताया कि समुद्री इंजन की कीमत करीब दस लाख रुपये है, जो आवेदन मिलने पर निजी नौकाओं के मालिकों को सरकार तत्काल मुहैया कराएगी।