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Assam: बाल शोषण का हैरान करने वाला मामला कैमरे में कैद, बेड के बॉक्स में मिली लड़की; ऊपर सो रहा था शख्स
Wed, 04 Feb 2026 08:16 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 04 Feb 2026 08:16 PM IST
सार
ssam: गुवाहाटी में एक 13 साल की लड़की को बेड के स्टोरेज बॉक्स में बंद पाया गया, उसे तुरंत बचा लिया गया। लड़की पिछले छह साल से घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही थी और उसे बार-बार शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। पढ़ें रिपोर्ट-
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बेड के स्टोरेज बॉक्स में मिली नाबालिग
- फोटो : एक्स/हिमांशु यादव बीजेपी/वीडियो ग्रैब
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विस्तार
गुवाहाटी में बाल शोषण का एक हैरान कर देने वाला मामला कैमरे में कैद हुआ, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक तेरह साल की लड़की बेड के स्टोरेज बॉक्स में बंद पाई गई। लड़की को तुरंत बचा लिया गया।
लड़की के बचाव अभियान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ गया। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जिला श्रम कार्य बल ने रविवार शाम बचाव अभियान चलाया। स्थानीय निवासियों की शिकायतों के बाद इस घटना के दृश्य (विजुअल) वायरल हुए।
कितनी देर तक स्टोरेज बॉक्स में छिपाकर रखा?
ये भी पढ़ें: प्रतिस्पर्धा आयोग ने इंडिगो के खिलाफ जांच के आदेश दिए, अनुचित कारोबारी तरीके अपनाने का आरोप
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जिला श्रम कार्य बल ने छापेमारी कैसे की?
जिला श्रम कार्य बल के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक नाबालिग लड़की कथित तौर पर घर में घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही है। सूचना मिलने पर टीम ने मौके का दौरा किया। वहीं घर की मालिक अरिना लस्कर खातून ने शुरुआत में बच्ची की मौजूदगी से इनकार किया और कहा कि लड़की के पिता उसे तीन-चार दिन पहले ले गए। हालांकि, टीम को घर के अंदर संदिग्ध व्यवहार दिखा।
ये भी पढ़ें: दूसरे चरण में होगी जातिगत जनगणना, सवाल पहले होंगे अधिसूचित, सरकार ने संसद में दी जानकारी
जांच के दौरान बच्ची की हालत क्या थी?
अधिकारी ने बताया, टीम ने घर के अंदर संदिग्ध व्यवहार देखा। जब हमने परिसर की जांच की अनुमति मांगी, तो परिवार ने यह कहते हुए शुरू में विरोध किया कि बच्ची सो रही है और जांच की अनुमति नहीं दी। कई बार अनुरोध करने पर ही कमरे में जांच की गई। जांच के दौरान अधिकारियों ने नाबालिग को बेड के स्टोरेज बॉक्स में छिपा हुआ पाया।
उन्होंने बताया कि लड़की काफी कमजोर हालत में थी। उसे तुरंत बाहर निकाला गया और पानी दिया गया। होश में आने के बाद लड़की रोने लगी। शुरुआती पूछताछ में बच्ची ने अधिकारियों को बताया कि वह करीब छह साल से घर में काम कर रही थी और शारीरिक प्रताड़ना झेलती रही। उसे तुरंत बचा लिया गया।
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लड़की के बचाव अभियान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ गया। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जिला श्रम कार्य बल ने रविवार शाम बचाव अभियान चलाया। स्थानीय निवासियों की शिकायतों के बाद इस घटना के दृश्य (विजुअल) वायरल हुए।
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कितनी देर तक स्टोरेज बॉक्स में छिपाकर रखा?
- यह नाबालिग पिछले छह साल से घर में घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही थी।
- अधिकारियों ने बताया कि बच्ची को कई बार शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
- छापेमारी का अंदेशा होने पर आरोपी महिला ने लड़की को करीब 25 मिनट के लिए बेड के स्टोरेज बॉक्स में छिपा दिया।
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जिला श्रम कार्य बल ने छापेमारी कैसे की?
जिला श्रम कार्य बल के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक नाबालिग लड़की कथित तौर पर घर में घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही है। सूचना मिलने पर टीम ने मौके का दौरा किया। वहीं घर की मालिक अरिना लस्कर खातून ने शुरुआत में बच्ची की मौजूदगी से इनकार किया और कहा कि लड़की के पिता उसे तीन-चार दिन पहले ले गए। हालांकि, टीम को घर के अंदर संदिग्ध व्यवहार दिखा।
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जांच के दौरान बच्ची की हालत क्या थी?
अधिकारी ने बताया, टीम ने घर के अंदर संदिग्ध व्यवहार देखा। जब हमने परिसर की जांच की अनुमति मांगी, तो परिवार ने यह कहते हुए शुरू में विरोध किया कि बच्ची सो रही है और जांच की अनुमति नहीं दी। कई बार अनुरोध करने पर ही कमरे में जांच की गई। जांच के दौरान अधिकारियों ने नाबालिग को बेड के स्टोरेज बॉक्स में छिपा हुआ पाया।
उन्होंने बताया कि लड़की काफी कमजोर हालत में थी। उसे तुरंत बाहर निकाला गया और पानी दिया गया। होश में आने के बाद लड़की रोने लगी। शुरुआती पूछताछ में बच्ची ने अधिकारियों को बताया कि वह करीब छह साल से घर में काम कर रही थी और शारीरिक प्रताड़ना झेलती रही। उसे तुरंत बचा लिया गया।