असम में चुनाव का शंखनाद हो चुका है। ऐसे में सभी पार्टियों ने अपने चुनाव प्रचार को धार देनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में सोमवार को असम के रण में कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की एंट्री हुई। उन्होंने गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ ही सोमवार को असम के दो दिवसीय दौरे की शुरुआत की। पूजा-अर्चना के बाद प्रियंका ने लखीमपुर में स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनके साथ आदिवासी नृत्य भी किया। असम में 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 27 मार्च, एक अप्रैल और 6 अप्रैल को तीन चरणों में मतदान होगा।
असम में प्रियंका गांधी: कामाख्या मंदिर में की पूजा, भाजपा सरकार के खिलाफ शुरू किया राज्यव्यापी प्रदर्शन
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प्रियंका सबसे पहले जलुकबारी इलाके में रुकी, जहां कांग्रेस समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह नीलाचल हिल्स स्थित शक्ति पीठ के लिए रवाना हो गईं। प्रियंका यहां लाल पोशाक में नजर आईं। यह रंग शक्ति का प्रतीक भी माना जाता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि वह काफी समय से मंदिर आना चाहती थीं और 'उनकी यह इच्छा पूरी हो गई।' उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'मैंने अपने, अपने परिवार और सबसे अधिक असम के लोगों लिए दुआएं मांगी।'
राज्य में आगामी चुनाव के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि राजनीति के बारे में बाद में बात करेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं भगवान का शुक्रिया अदा करने और उनका आशीर्वाद लेने मंदिर आई हूं, जिन्होंने मुझे बहुत कुछ दिया है।'
इससे पहले प्रियंका ने अपने फेसबुक पेज पर असम में अपने दो दिवसीय दौरे की शुरुआत कामाख्या मंदिर में दर्शन के साथ करने की जानकारी दी थी। वहीं प्रियंका ने लखीमपुर में रोजगार के मुद्दे पर अपने अभियान की शुरुआत की। कांग्रेस द्वारा अगले कुछ दिनों में राज्य के सरकारी दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।