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Odisha: स्वास्थ्य मंत्री पर हमला करने वाला एएसआई मानसिक रोगी, मनोचिकित्सक से करा रहा था इलाज
Mon, 30 Jan 2023 01:03 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, झारसुगुडा
पीटीआई, झारसुगुडा
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 30 Jan 2023 01:03 AM IST
सार
मनोरोग विभाग के प्रमुख डॉ. चंद्रशेखर त्रिपाठी ने बताया कि गोपालकृष्ण दास बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित थे। वह करीब आठ से दस साल पहले पहली बार मेरे क्लीनिक पर आए थे। उन्हें बहुत जल्दी गुस्सा आ जाता था और इसका इलाज चल रहा था।
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ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री नब दास को गोली मारी गई
- फोटो : ANI
विस्तार
ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री नबा किशोर दास की एक एएसआई ने गोली मारकर हत्या कर दी। वहीं अब पता चला है कि सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (एएसआई) गोपालकृष्ण दास एक मनोचिकित्सक से मानसिक बीमारी बाइपोलर डिसऑर्डर का इलाज करा रहा था। वहीं हैरान कर देने वाली बात यह है कि अतीत में मनोविकार से पीड़ित रहने के बावजूद एएसआई को सविर्स रिवॉल्वर जारी की गई थी और उसे ब्रजराजनगर में एक पुलिस चौकी का प्रभारी नियुक्त किया गया।
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एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, बेरहामपुर, मनोरोग विभाग के प्रमुख डॉ. चंद्रशेखर त्रिपाठी ने बताया कि गोपालकृष्ण दास बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित थे। वह करीब आठ से दस साल पहले पहली बार मेरे क्लीनिक पर आए थे। उन्हें बहुत जल्दी गुस्सा आ जाता था और इसका इलाज चल रहा था।
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नियमित रूप से दवाएं ले रहा था या नहीं
डॉक्टर ने कहा कि मुझे यकीन नहीं है कि वह नियमित रूप से दवाएं ले रहा था या नहीं। अगर दवा नियमित रूप से नहीं ली जाती है, तो बीमारी फिर से प्रकट हो जाती है। एक साल हो गया है जब वह मुझसे आखिरी बार मिला था। विशेषज्ञों के अनुसार बाइपोलर डिसऑर्डर एक मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है, जो अत्यधिक अवसाद के कारण बनती है। हालांकि, परामर्श सहित उपचार द्वारा रोग को नियंत्रित किया जा सकता है।
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पुलिस चौकी का प्रभारी बनाए जाने के बाद लाइसेंसी पिस्तौल जारी की गई थी
वहीं आरोपी गोपालकृष्ण दास गंजाम जिले के जलेश्वरखंडी गांव के रहने वाले थे। उन्होंने बेरहामपुर में एक कांस्टेबल के रूप में पुलिस में अपना करियर शुरू किया और बाद में 12 साल पहले झारसुगुड़ा जिले में स्थानांतरित कर दिया गया। झारसुगड़ा एसडीपीओ गुप्तेश्वर भोई ने कहा कि ब्रजराजनगर क्षेत्र के गांधी चौक में एक पुलिस चौकी का प्रभारी बनाए जाने के बाद एएसआई को लाइसेंसी पिस्तौल जारी की गई थी।
आरोपी एएसआई दास की पत्नी जयंती ने भी पुष्टि की कि उनके पति मानसिक विकार की दवा लेते थे। चूंकि वह परिवार से लगभग 400 किमी दूर रहते थे, तो पत्नी ने कहा कि यह नहीं कह सकती कि वह नियमित रूप से दवा ले रहे थे कि नहीं।