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Indian Railways: 'ट्रेन के पहियों का निर्यातक बनने के लिए हम तैयार', रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा बयान
Thu, 14 Mar 2024 04:31 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Thu, 14 Mar 2024 04:31 PM IST
सार
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे में इस्तेमाल पहियों का भारत निर्यातक देश बनने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में एक संयंत्र लगने के साथ ही निर्माण गतिविधियां शुरू हो गई हैं।
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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
केंद्रीय रेली मंत्री अश्विनी वैष्णव ने के कहा कि भारत रेलवे में इस्तेमाल होने वाले पहियों का निर्यातक बनने के लिए तैयार है। सेमीकंडक्टर निर्माता क्वालकॉम के चेन्नई डिजाइन सेंटर के उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में एक फैक्ट्री लगने के साथ ही निर्माण गतिविधियां शुरू हो गई हैं।
ट्रेन में इस्तेमाल पहियों का इस्तेमाल करेगा भारत- वैष्णव
इस दौरान अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि वंदे भारत ट्रेनें सफल रही है। वंदे भारत ट्रेनों में जो पहिए इस्तेमाल किए जाते हैं, वे बेहद गुणवत्ता वाला होता है। कई प्रक्रिया से गुजरने के बाद इन पहियों का निर्माण किया जाता है। इस तरह के पहियों के उत्पादन के लिए फैक्ट्रियों को स्थापित किया जा रहा है। जिसमें 2.5 लाख पहियों का उत्पादन करने की क्षमता होगी। तकरीबन 80 हजार पहियों का इस्तेमाल भारत में किया जाएगा, बाकी 1.70 लाख का निर्यात किया जाएगा।
पहियों के आयातक नहीं अब हम निर्यातक होंगे- वैष्णव
केंद्रीय रेली मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे 60 से 70 वर्षों तक पहियों का आयातक था। लेकिन अब समय आ गया है कि भारत अब इन पहियाों के एक प्रमुख निर्यातक के तौर पर उभरेगा। मुझे बेहद खुशी हो रही है कि इसकी फैक्ट्री तमिलनाडु में स्थापित की जा रही है, अगले 16 से 18 महीनों में उत्पादन शुरू हो जाएगा।
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स्टैण्डर्ड गेज रेक पर हमारा फोकस- अश्विनी वैष्णव
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इंटीग्रल कोच फैक्ट्री स्टैण्डर्ड गेज वंदे भारत ट्रेनें भी विकसित करेगी। स्टैण्डर्ड गेज रेक का इस्तेमाल पूरी दुनिया में किया जाता है। उन्होंने कहा कि स्टैण्डर्ड गेज वंदे भारत ट्रेनों की डिजाइनिंग और परीक्षण किए जाने की जरूरत है, जिसके बाद उन्हें औपचारिक रूप से लॉन्च करने से पहले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंजूरी प्राप्त करने की जरूरत है, उन्होंने कहा कि इसमें कुछ समय लगेगा। रेल मंत्री ने कहा कि हालांकि यह एक बड़ी और कठिन प्रक्रिया है, लेकिन अगर हम आज शुरू करते हैं तो अब से पांच साल में हमारे पास एक अच्छा स्टैण्डर्ड गेज उत्पाद होगा, जो निर्यात के लिए तैयार होगा।
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ट्रेन में इस्तेमाल पहियों का इस्तेमाल करेगा भारत- वैष्णव
इस दौरान अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि वंदे भारत ट्रेनें सफल रही है। वंदे भारत ट्रेनों में जो पहिए इस्तेमाल किए जाते हैं, वे बेहद गुणवत्ता वाला होता है। कई प्रक्रिया से गुजरने के बाद इन पहियों का निर्माण किया जाता है। इस तरह के पहियों के उत्पादन के लिए फैक्ट्रियों को स्थापित किया जा रहा है। जिसमें 2.5 लाख पहियों का उत्पादन करने की क्षमता होगी। तकरीबन 80 हजार पहियों का इस्तेमाल भारत में किया जाएगा, बाकी 1.70 लाख का निर्यात किया जाएगा।
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पहियों के आयातक नहीं अब हम निर्यातक होंगे- वैष्णव
केंद्रीय रेली मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे 60 से 70 वर्षों तक पहियों का आयातक था। लेकिन अब समय आ गया है कि भारत अब इन पहियाों के एक प्रमुख निर्यातक के तौर पर उभरेगा। मुझे बेहद खुशी हो रही है कि इसकी फैक्ट्री तमिलनाडु में स्थापित की जा रही है, अगले 16 से 18 महीनों में उत्पादन शुरू हो जाएगा।
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स्टैण्डर्ड गेज रेक पर हमारा फोकस- अश्विनी वैष्णव
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इंटीग्रल कोच फैक्ट्री स्टैण्डर्ड गेज वंदे भारत ट्रेनें भी विकसित करेगी। स्टैण्डर्ड गेज रेक का इस्तेमाल पूरी दुनिया में किया जाता है। उन्होंने कहा कि स्टैण्डर्ड गेज वंदे भारत ट्रेनों की डिजाइनिंग और परीक्षण किए जाने की जरूरत है, जिसके बाद उन्हें औपचारिक रूप से लॉन्च करने से पहले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंजूरी प्राप्त करने की जरूरत है, उन्होंने कहा कि इसमें कुछ समय लगेगा। रेल मंत्री ने कहा कि हालांकि यह एक बड़ी और कठिन प्रक्रिया है, लेकिन अगर हम आज शुरू करते हैं तो अब से पांच साल में हमारे पास एक अच्छा स्टैण्डर्ड गेज उत्पाद होगा, जो निर्यात के लिए तैयार होगा।