{"_id":"668563d15c7ea0fc2a0b43fe","slug":"ashwini-vaishnav-on-india-ai-mission-global-effort-is-needed-to-deal-with-the-risks-related-to-ai-2024-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"AI: अश्विनी वैष्णव बोले- जोखिमों से निपटने को वैश्विक प्रयास जरूरी; कुछ महीने के भीतर इंडिया एआई मिशन होगा पेश","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
AI: अश्विनी वैष्णव बोले- जोखिमों से निपटने को वैश्विक प्रयास जरूरी; कुछ महीने के भीतर इंडिया एआई मिशन होगा पेश
Wed, 03 Jul 2024 08:14 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 03 Jul 2024 08:14 PM IST
सार
AI: भारत में AI को लेकर केंद्र सरकार काफी सतर्क है। वहीं केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इंडिया एआई मिशन को दो-तीन महीने के भीतर पेश किया दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि एआई से जुड़े जोखिमों से निपटने के लिए वैश्विक प्रयास की जरूरत है।
विज्ञापन
कुछ महीने के भीतर इंडिया एआई मिशन होगा पेश- अश्विनी वैष्णव
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि एआई से जुड़े जोखिमों से निपटने के लिए वैश्विक प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दुनिया में सभी देश और समाज के लोग एआई से पैदा होने वाले नए खतरों को लेकर जागरूक हो रहे हैं। लेकिन, चुनौतियों का प्रभावी समाधान केवल सामूहिक वैश्विक प्रयासों से ही संभव है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री ने कहा कि कि इंडिया एआई मिशन जिसे इस साल की शुरुआत में मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी, उसे अगले दो से तीन महीने में पेश किया जाएगा। वहीं ग्लोबल इंडिया एआई समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में एआई के लिए एक पूरा पैकेज तैयार किया जा रहा है। एक विशेषज्ञ दल इसकी नींव और स्तंभों को स्थापित करने पर काम कर रहा है। दो से तीन महीने के भीतर इसे सबके सामने पेश कर दिया जाएगा।
इस साल कैबिनेट ने 10,300 करोड़ दी है मंजूरी
दरअसल में मंत्रिमंडल ने इस वर्ष मार्च में इंडिया एआई मिशन के लिए 10,300 करोड़ रुपये से अधिक के आवंटन को मंजूरी दी थी। इसे भारत के एआई परिवेश को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इसके तहत अगले पांच वर्ष में किए जाने वाले वित्तीय निवेश का मकसद कई घटकों को बढ़ावा देना है, जिनमें इंडिया एआई कंप्यूट कैपेसिटी, इंडिया एआई इनोवेशन सेंटर, इंडिया एआई डाटासेट प्लेटफॉर्म, इंडिया एआई एप्लिकेशन डेवलपमेंट इनिशिएटिव, इंडिया एआई फ्यूचर स्किल्स, इंडिया एआई स्टार्टअप फाइनेंसिंग और सुरक्षित तथा विश्वसनीय एआई पहल शामिल हैं।
'जोखिमों से निपटने को वैश्विक प्रयास जरूरी'
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इंडिया एआई मिशन का मकसद इस एआई प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण करना है। इसके अलावा इसकी क्षमताओं का बदलाव और सामाज कल्याण के लिए इस्तेमाल करना है। उन्होंने कहा कि एआई आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए बड़ा साधन हो सकती है। लेकिन, इससे हमारी सामाजिक संस्थाओं को होने वाले खतरों और चुनौतियों का भी व्यापक आभास हुआ है, जिनसे निपटना भी जरूरी है।
विज्ञापन
'चुनाव में AI की मदद से फैलाई गई भ्रामक सूचना'
उन्होंने आगे कहा कि हाल के आम चुनाव में भी हमने देखा है कि एआई की मदद से गलत और भ्रामक सूचना और फर्जी खबरें फैलाई गईं, जिससे साबित होता है कि यह तकनीक कितनी बड़ी चुनौती है। भारत कब तक एआई पर विनियमन तथा सुरक्षा उपाय तैयार करेगा इस सवाल पर मंत्री ने कहा कि इस संबंध में भी विचार-विमर्श जारी है, लेकिन इसके लिए राजनीतिक आम सहमति की जरूरत होगी। समाज के सभी वर्गों को एआई के खतरों व अवसरों के बारे में समझना होगा, इसके बाद ही हम इसके कानूनी पहलुओं पर गौर कर पाएंगे।
एआई ने भारत में उद्यमों को दी गति: ओपन एआई के उपाध्यक्ष श्रीनिवास नारायणन ने बुधवार को कहा कि एआई ने भारत में उद्यमों को नई गति दी है। इसके अलावा कृषि, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी एआई का ठोस उपयोग बढ़ रहा है। नारायणन ने ग्लोबल इंडिया एआई समिट में इंडिया एआई मिशन की सराहना करते हुए कहा कि यह न केवल ग्लोबल साउथ, बल्कि पूरी दुनिया के लिए शानदार उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इंडिया एआई मिशन की एप्लिकेशन डेवलपमेंट पहल का समर्थन करने के लिए ओपन एआई प्रतिबद्ध है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारतीय डेवलपर इसके मॉडल पर काम कर सकें और बड़े पैमाने पर सामाजिक लाभ पहुंचा सकें।
स्थानीय संस्कृति से संबंधित एआई मॉडलों की जरूरत: एनवीडिया के कार्यकारी मोहित सेवक ने बुधवार को कहा कि भारत को बहुआयामी एआई मॉडलों की जरूरत है, जो पश्चिमी-केंद्रित मॉडलों से हटकर विविधतापू्रण भारतीय संस्कृति और संवेदनशीलता पर आधारित हों। ग्लोबल एआई समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) को बहुविध होना चाहिए, जिसमें आवाज एक आवश्यक तत्व हो, क्योंकि भारत में करीब 23 आधिकारिक भाषाएं हैं, लेकिन जिस भारत का प्रतिनिधित्व करने पर मुझे गर्व है, वह 123 अनूठी भाषाओं में करीब 10,500 अनूठी बोलियां बोलता है। लेकिन, अभी तक का जो सबसे बड़ा मॉडल है वह अधिकतम 100 भाषाओं में एक साथ काम करने में सक्षम है।
विज्ञापन
इस साल कैबिनेट ने 10,300 करोड़ दी है मंजूरी
दरअसल में मंत्रिमंडल ने इस वर्ष मार्च में इंडिया एआई मिशन के लिए 10,300 करोड़ रुपये से अधिक के आवंटन को मंजूरी दी थी। इसे भारत के एआई परिवेश को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इसके तहत अगले पांच वर्ष में किए जाने वाले वित्तीय निवेश का मकसद कई घटकों को बढ़ावा देना है, जिनमें इंडिया एआई कंप्यूट कैपेसिटी, इंडिया एआई इनोवेशन सेंटर, इंडिया एआई डाटासेट प्लेटफॉर्म, इंडिया एआई एप्लिकेशन डेवलपमेंट इनिशिएटिव, इंडिया एआई फ्यूचर स्किल्स, इंडिया एआई स्टार्टअप फाइनेंसिंग और सुरक्षित तथा विश्वसनीय एआई पहल शामिल हैं।
विज्ञापन
'जोखिमों से निपटने को वैश्विक प्रयास जरूरी'
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इंडिया एआई मिशन का मकसद इस एआई प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण करना है। इसके अलावा इसकी क्षमताओं का बदलाव और सामाज कल्याण के लिए इस्तेमाल करना है। उन्होंने कहा कि एआई आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए बड़ा साधन हो सकती है। लेकिन, इससे हमारी सामाजिक संस्थाओं को होने वाले खतरों और चुनौतियों का भी व्यापक आभास हुआ है, जिनसे निपटना भी जरूरी है।
विज्ञापन
'चुनाव में AI की मदद से फैलाई गई भ्रामक सूचना'
उन्होंने आगे कहा कि हाल के आम चुनाव में भी हमने देखा है कि एआई की मदद से गलत और भ्रामक सूचना और फर्जी खबरें फैलाई गईं, जिससे साबित होता है कि यह तकनीक कितनी बड़ी चुनौती है। भारत कब तक एआई पर विनियमन तथा सुरक्षा उपाय तैयार करेगा इस सवाल पर मंत्री ने कहा कि इस संबंध में भी विचार-विमर्श जारी है, लेकिन इसके लिए राजनीतिक आम सहमति की जरूरत होगी। समाज के सभी वर्गों को एआई के खतरों व अवसरों के बारे में समझना होगा, इसके बाद ही हम इसके कानूनी पहलुओं पर गौर कर पाएंगे।
एआई ने भारत में उद्यमों को दी गति: ओपन एआई के उपाध्यक्ष श्रीनिवास नारायणन ने बुधवार को कहा कि एआई ने भारत में उद्यमों को नई गति दी है। इसके अलावा कृषि, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी एआई का ठोस उपयोग बढ़ रहा है। नारायणन ने ग्लोबल इंडिया एआई समिट में इंडिया एआई मिशन की सराहना करते हुए कहा कि यह न केवल ग्लोबल साउथ, बल्कि पूरी दुनिया के लिए शानदार उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इंडिया एआई मिशन की एप्लिकेशन डेवलपमेंट पहल का समर्थन करने के लिए ओपन एआई प्रतिबद्ध है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारतीय डेवलपर इसके मॉडल पर काम कर सकें और बड़े पैमाने पर सामाजिक लाभ पहुंचा सकें।
स्थानीय संस्कृति से संबंधित एआई मॉडलों की जरूरत: एनवीडिया के कार्यकारी मोहित सेवक ने बुधवार को कहा कि भारत को बहुआयामी एआई मॉडलों की जरूरत है, जो पश्चिमी-केंद्रित मॉडलों से हटकर विविधतापू्रण भारतीय संस्कृति और संवेदनशीलता पर आधारित हों। ग्लोबल एआई समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) को बहुविध होना चाहिए, जिसमें आवाज एक आवश्यक तत्व हो, क्योंकि भारत में करीब 23 आधिकारिक भाषाएं हैं, लेकिन जिस भारत का प्रतिनिधित्व करने पर मुझे गर्व है, वह 123 अनूठी भाषाओं में करीब 10,500 अनूठी बोलियां बोलता है। लेकिन, अभी तक का जो सबसे बड़ा मॉडल है वह अधिकतम 100 भाषाओं में एक साथ काम करने में सक्षम है।