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Ashwini Bidre Case: दस साल बाद भी नहीं मिला मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार ने राष्ट्रपति से मांगी इच्छामृत्यु

Mon, 23 Feb 2026 08:21 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोल्हापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोल्हापुर Published by: अमन तिवारी Updated Mon, 23 Feb 2026 08:21 PM IST
सार

महिला पुलिस अधिकारी अश्विनी बिद्रे के परिवार ने राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश से इच्छामृत्यु की मांग की है। हत्या के 10 साल बाद भी उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र और सेवा लाभ नहीं मिले हैं। पति राजू गोरे ने सरकार की अनदेखी से निराश होकर उन्होंने यह कदम उठाया है।

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Ashwini Bidre murder case Death certificate not received even after 10 years family seeks euthanasia
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : पीटीआई

विस्तार

महिला पुलिस अधिकारी अश्विनी बिद्रे की हत्या के मामले में उनके परिवार ने एक बड़ा और भावुक कदम उठाया है। न्याय और सरकारी दस्तावेजों के लिए भटक रहे परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और देश के मुख्य न्यायाधीश से इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी है। परिवार का आरोप है कि अदालत में हत्या साबित होने के बावजूद प्रशासन उन्हें आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहा है।
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अश्विनी के पति राजू गोरे ने बताया कि हत्याकांड का फैसला आए एक साल बीत चुका है। इसके बाद भी उन्हें अभी तक मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें सेवाकाल के दौरान मिलने वाले लाभों से भी वंचित रखा है। गोरे ने बताया कि वे अपनी पत्नी के बैंक लॉकर में रखे पैसे भी नहीं निकाल पा रहे हैं क्योंकि उनके पास जरूरी दस्तावेज नहीं हैं।
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राजू गोरे ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार के किसी भी विभाग ने उनकी फरियाद नहीं सुनी। हर जगह से निराश होने के बाद उन्होंने मुख्य न्यायाधीश और राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि जब सरकार उन्हें उनका हक नहीं दे सकती, तो उन्हें जीवन समाप्त करने की अनुमति दे दी जाए।

बता दें कि अश्विनी बिद्रे की हत्या का मामला दस साल पुराना है। यह केस पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और जांच की खामियों का बड़ा उदाहरण बना था। अश्विनी को एक ईमानदार अधिकारी माना जाता था और उनकी मौत ने पूरे महाराष्ट्र को हिलाकर रख दिया था।

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