महाराष्ट्र में ठाकरे सरकार में फिर शुरू हुई अनबन, अब नाराज हुए अशोक चव्हाण
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महाराष्ट्र में तीन दलों (शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस) की महाविकास आघाड़ी सरकार में एक बार फिर अनबन शुरू हो गई है। इस बार लोकनिर्माण विभाग अशोक चव्हाण ने नाराजगी जताई है। हालांकि चव्हाण की नाराजगी के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात ने चव्हाण से मुलाकात की और उन्हें मनाने का प्रयास किया।
अशोक चव्हाण के आवास पर शुक्रवार की सुबह करीब आधे घंटे की बैठक के बाद बालासाहेब थोरात ने कहा कि महाविकास आघाड़ी में सब ठीक है। कुछ मुद्दों पर अशोक चव्हाण की नाराजगी है, उसे दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि थोड़ा ध्यान देंगे तो गठबंधन और मजबूत होगा। थोरात ने कहा कि अधिकारियों को संबंधित मंत्री को भी विश्वास में लेना आवश्यक है। वह इस बारे में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात करेंगे। इससे पहले खाद्यान्न व आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल के विभाग का प्रस्ताव उनसे पूछे बिना कैबिनेट मंत्रियों की बैठक में लाया गया था। इससे भुजबल भी नाराज हो गए थे। उसके बाद प्रशासन को इस बाबत सख्त ताकीद की गई थी। लेकिन फिर इसी तरह की गलती दोहराई गई जिससे कांग्रेस में उद्धव ठाकरे सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ने लगी है।
दरअसल, बृहस्पतिवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में लोकनिर्माण विभाग के बंटवारे का प्रस्ताव लाया गया था। हालांकि उस प्रस्ताव पर बैठक में चर्चा नहीं हो सकी थी। लेकिन प्रस्ताव को लेकर विभाग के मंत्री अशोक चव्हाण नाराज हो गए। अशोक चव्हाण का कहना था कि यह प्रस्ताव बिना उनकी जानकारी के तैयार किया गया और मंत्री समूह की बैठक में लाया गया है।
मेरी सरकार गिरा कर दिखाए, भाजपा को उद्धव की चुनौती
महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी सरकार में अनबन के बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक बाऱ फिर विपक्षी दल भाजपा को चुनौती दी है कि वह प्रदेश की सरकार को गिराकर दिखाएं। शिवसेना के मुखपत्र सामना के कार्यकारी संपादक सांसद संजय राऊत को उद्धव ने इंटरव्यू दिया है जिसका प्रोमो जारी किया गया है। मुख्यमंत्री का इंटरव्यू शनिवार और रविवार को प्रसारित-प्रकाशित होगा।
मुख्यमंत्री ने चुनौती देते हुए कहा कि मेरा इंटरव्यू चल रहा है, अभी सरकार गिराकर दिखाइए। राऊत ने पूछा कि राज्य में तीन पहिए की सरकार है। इस पर उद्धव ने पलटकर पूछा कि आखिर केंद्र की सरकार में कितने पहिए हैं? मैं 60 साल की उम्र में मुख्यमंत्री बना हूं। लेकिन मैंने मुख्यमंत्री बनने की जिद नहीं की थी। मेरी 60 वर्ष की आयु और मेरा मुख्यमंत्री बनना एक संयोग है। भारत-चीन सीमा विवाद पर उद्धव ने कहा कि अभी की स्थिति ऐसी है कि हमें चीन नहीं चाहिए लेकिन क्या बाद में फिर से हिंदी-चीनी भाई-भाई नहीं होगा।