{"_id":"5f26f72250196f590227fda5","slug":"ashish-dhar-died-of-cardiac-arrest-and-his-family-has-requested-to-not-run-or-even-brisk-walk-with-mask-on","type":"story","status":"publish","title_hn":"मास्क पहनकर दौड़ना या तेज चलना खतरनाक, सांस की कमी ले सकती है जान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मास्क पहनकर दौड़ना या तेज चलना खतरनाक, सांस की कमी ले सकती है जान
Sun, 02 Aug 2020 11:02 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 02 Aug 2020 11:02 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टाटा मोटर्स में इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल्स विभाग के सेल्स, मार्केटिंग और कस्टमर केयर हेड आशीष धर का बीते शुक्रवार की रात हृदयाघात के कारण निधन हो गया था। धर को दिल का दौरा पड़ने के पीछे की जो वजह सामने आई है वह हैरान कर देने वाली है। आशीष की मौत का सबब वही मास्क बन गया जो उन्होंने जानलेवा महामारी कोरोना वायरस से बचने के लिए पहना था। उनके परिवार ने अनुरोध किया है कि लोगों को मास्क पहन कर दौड़ना या तेज चलना भी नहीं चाहिए।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की शाम आशीष ने मास्क पहने हुए पांच किलोमीटर की दौड़ लगाई। इसके बाद वह अपने घर पहुंचे, जूते उतारे और गरम पानी पिया और इसके बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वह गिर गए। घर होने के चलते परिजन तुरंत वहां पहुंचे और ऑक्सीजन चेक की गई। न तो ऑक्सीजन मीटर कुछ दिखा रहा था और न ही उनकी धड़कन चल रही थी।
विज्ञापन
घरवाले आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले गए लेकिन रास्ते में ही ऑक्सीजन की कमी के चलते उनकी पीठ नीली दिखने लगी थी। डॉक्टरों ने बताया कि आशीष के दिल को रक्त पंप करने के लिए ऑक्सीजन नहीं मिल रही थी। यह प्रक्रिया बाधित होने पर दिल रक्त को दिमाग, फेफड़े और अन्य अंगों तक पंप नहीं कर पाता है। ऐसा होने पर मिनटों में मृत्यु हो जाती है।
विज्ञापन
आशीष के परिजनों का कहना है कि उन्होंने चार महीने पहले ही पूरे शरीर का चेकअप करवाया था और सभी परिणाम ठीक आए थे। न आशीष के ऊपर काम को लेकर कोई चिंता थी और वह सेहत को लेकर भी काफी सचेत थे। लॉकडाउन की शुरुआत से ही उन्होंने बाहर का खाना बंद कर दिया था और घर पर ही खाना खा रहे थे। वह नियम से कसरत और व्यायाम के साथ मेडिटेशन भी किया करते थे।