फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Asansol CBI court judge Rajesh Chakraborty claims of getting threat letter demanding bail for Anubrata Mandal

Cattle Smuggling Case: सीबीआई कोर्ट के जज का दावा, अनुब्रत मंडल की जमानत को लेकर मिली धमकी

Tue, 23 Aug 2022 06:24 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: Amit Mandal Updated Tue, 23 Aug 2022 06:24 PM IST
सार

केंद्रीय एजेंसी ने इस महीने की शुरुआत में करोड़ों रुपये की मवेशी तस्करी मामले में मंडल को गिरफ्तार किया था। वह चार दिन की सीबीआई हिरासत में हैं।

विज्ञापन
Asansol CBI court judge Rajesh Chakraborty claims of getting threat letter demanding bail for Anubrata Mandal
Anubrata Mondal - फोटो : Twitter

विस्तार

आसनसोल एसपीएल सीबीआई कोर्ट के जज राजेश चक्रवर्ती ने दावा है कि उन्हें मवेशी तस्करी मामले में गिरफ्तार अनुब्रत मंडल मामले में धमकी मिली है। जस्टिस चक्रवर्ती ने कहा कि उन्हें अनुब्रत मंडल को जमानत की मांग वाला धमकी भरा पत्र मिला है। इसमें कहा गया है कि अनुब्रत को जमानत नहीं दी गई तो उनके परिवार को एनडीपीएस केस में फंसाया जाएगा। बता दें कि टीएमसी बीरभूम जिला अध्यक्ष अनुब्रत मंडल को सीबीआई ने पशु तस्करी मामले में गिरफ्तार किया है। इस मामले में कल उनसे सीबीआई दफ्तर में पूछताछ भी हुई थी। 

विज्ञापन


सीबीआई टीम ने रिश्तेदारी की संपत्ति के रिकॉर्ड का मिलान किया
सीबीआई की टीम मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस नेता अनुब्रत मंडल और उनके रिश्तेदारों की संपत्ति के रिकॉर्ड का मिलान करने बीरभूम जिले के अतिरिक्त उप रजिस्ट्रार के कार्यालय पहुंची। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीबीआई की चार सदस्यों की टीम अतिरिक्त जिला उप रजिस्ट्रार के कार्यालय मामले में छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों के साथ पहुंची। अधिकारी ने कहा, ‘हमारे हाथ मंडल की संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेज लगे हैं, जिनमें से कुछ दस्तावेज संपत्ति को दूसरे के नाम पर स्थानांतरित करने संबंधी भी हैं। हमारे अधिकारी उनका मिलान अतिरिक्त जिला उप रजिस्ट्रार कार्यालय से कर रहे हैं। सीबीआई पता लगा रही है कि क्या इन संपत्तियों को कथित मवेशी तस्करी से अर्जित आय से खरीदा गया। अधिकारी ने बताया कि सीबीआई अब भी तृणमूल नेता मंडल से पूछताछ कर रही है। उन्होंने बताया कि मंडल को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
विज्ञापन


मेरे पास कोई बेनामी संपत्ति नहीं: मंडल
अनुब्रत मंडल ने दावा किया कि उनके पास कोई बेनामी संपत्ति नहीं है। इतना ही नहीं वे जांच में सीबीआई को पूरा सहयोग भी कर रहे हैं। शनिवार को सीबीआई के निजाम पैलेस मुख्यालय से अनुब्रत को कमांड अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान उन्होंने यह दावा किया था। इससे पहले शुक्रवार को सीबीआई ने अनुब्रत की बोलपुर स्थित भोले बम राइस मिल में छापेमारी की थी। यहां पर पर टीम को पांच महंगी कारें मिली थीं। इनमें से एक कार पर बंगाल सरकार का स्टीकर लगा हुआ है। सारी गाड़ियां सीबीआई की टीम अपने साथ लेकर गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


राइस मिल में पत्नी व बेटी की हिस्सेदारी 
राइस मिल में हुई छापेमारी में सीबीआई को अहम दस्तावेज भी मिले थे। इस राइस मिल में अनुब्रत की दिवंगत पत्नी की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत और बेटी सुकन्या की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जब राइस मिल में छापेमारी के लिए सीबीआई की टीम पहुंची, तो दरवाजा बंद कर दिया गया और टीम को घुसने से रोक दिया गया था। इसके बाद सीबीआई ने दरवाजा तोड़ने की धमकी दी, जिसके बाद उसे खोला गया। अनुब्रत ने 2011 के बाद यह राइस मिल हराधन मंडल से खरीदी थी। 


2020 में दर्ज किया था केस
सीबीआई ने 2020 में पशु तस्करी के मामले में केस दर्ज किया था। इसमें अनुब्रत मंडल का नाम भी सामने आया था। सीबीआई के मुताबिक 2015 से 2017 के दौरान सीमा सुरक्षा बल को 20,000 से ज्यादा पशुओं के कटे सिर मिले थे। इस मामले में पिछले दिनों उन्हें सीबीआई ने तलब किया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे थे। इस मामले में केंद्रीय एजेंसी ने बीरभूम जिले में उनके करीबी लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। वहां से भारी संख्या में नकदी बरामद हुए थे।  
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed