Asaduddin Owaisi: नीट परीक्षा रद्द होने पर ओवैसी का सरकार पर निशाना, बंगाल में SIR अधाकारियों पर भी उठाए सवाल
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई। ओवैसी ने सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि पेपर लीक रोकने वाले कानून के बावजूद यह कैसे हुआ और छात्रों को जवाब कौन देगा।
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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की तरफ से आयोजित कराई जाने वाली नीट-यूजी 2026 की परीक्षा रद्द कर दी गई है। सामने आया है कि नीट की तीन मई को हुई परीक्षा से पहले ही इसके पेपर के अधिकतर सवाल लीक हो गए थे। इसके बाद जो जांच हुई, उसके नतीजों को मद्देनजर रखते हुए न सिर्फ मेडिकल की इस सबसे बड़ी परीक्षा को रद्द किया गया, बल्कि इसकी जांच सीबीआई को भी सौंप दी गई। इसी के साथ एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा हुए कुछ सवाल किए हैं।
ओवैसी ने इस पर कहा संसद में पास हुए उस कानून का क्या हुआ, जिसके तहत आपने कहा था कि पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी? फिर पेपर लीक कैसे हो गया? और अब प्रधानमंत्री की 'मन की बात' कहां है? उन्होंने छात्रों से कहा था कि वे टेंशन न लें। अब वे उन्हें क्या जवाब देंगे? 'मन की बात' में उन्होंने बच्चों से कहा था कि वे चिंता न करें। लेकिन उन छात्रों का क्या, जो पिछले दो वर्षों से तैयारी कर रहे हैं, जिनके माता-पिता ने कोचिंग सेंटरों पर लाखों रुपये खर्च किए हैं? वे इस समय किस दौर से गुजर रहे होंगे? वे गरीब छात्र, जो नीट पास करने का सपना देखते हैं। भाजपा और प्रधानमंत्री को इसका जवाब देना होगा।
उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान हुए एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी एसआईआर से जुड़े थे, उन्हें सरकार में अहम पद मिले हैं। उन्होंने बताया कि जो लोग प्रभारी के तौर पर एसआईआर का काम कर रहे थे उन्हें राज्य सरकार का हिस्सा बना लिया गया है।