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Owaisi: 'बांग्लादेश से रिश्ते सुधारना मोदी सरकार की असली परीक्षा', विदेश नीति पर ओवैसी की भाजपा को खरी-खरी

Thu, 01 Jan 2026 10:35 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद Published by: हिमांशु चंदेल Updated Thu, 01 Jan 2026 10:35 PM IST
सार

Asaduddin Owaisi statement: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि बांग्लादेश के साथ पुराने रिश्तों को बहाल करना मोदी सरकार की असली परीक्षा है। उन्होंने बांग्लादेश की स्थिरता को भारत की सुरक्षा के लिए अहम बताया। 

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Asaduddin Owaisi statement Real test for Modi govt to restore good old relations with Bangladesh
असदुद्दीन ओवैसी, एआईएमआईएम प्रमुख - फोटो : ANI

विस्तार

भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते तनाव के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी सरकार को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के साथ पुराने और भरोसेमंद रिश्तों को फिर से मजबूत करना केंद्र सरकार की असली परीक्षा है। ओवैसी ने साफ कहा कि पड़ोसी देश की स्थिरता भारत की सुरक्षा से सीधे जुड़ी है, खासकर पूर्वोत्तर राज्यों के लिए।
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हैदराबाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ओवैसी ने कहा कि बांग्लादेश में राजनीतिक हालात और भारत-बांग्लादेश संबंधों में किसी भी तरह की गिरावट भारत के हित में नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के रिश्तों में आगे कोई और तनाव नहीं आएगा और संवाद के जरिए भरोसा बहाल किया जाएगा।
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बांग्लादेश की स्थिरता पर जोर
ओवैसी ने कहा कि बांग्लादेश की स्थिरता भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है, खासकर पूर्वोत्तर क्षेत्र में। उन्होंने इसे रणनीतिक दृष्टि से अहम बताते हुए कहा कि अगर पड़ोसी देश अस्थिर होता है तो इसका असर सीमा सुरक्षा, आंतरिक स्थिरता और क्षेत्रीय संतुलन पर पड़ सकता है। उनके मुताबिक, इस चुनौती से निपटना मोदी सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है।
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चीन के दावे पर सवाल
ओवैसी ने चीन के उस दावे पर भी कड़ा एतराज जताया, जिसमें कहा गया कि उसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की थी। ओवैसी ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह इस दावे का आधिकारिक रूप से खंडन करे। उन्होंने कहा कि चीन पाकिस्तान को हथियार और खुफिया मदद देता रहा है, ऐसे में उसकी मध्यस्थता का दावा भारत के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता।


ऑपरेशन सिंदूर और भारत का रुख
ओवैसी ने याद दिलाया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने साफ किया था कि संघर्ष का समाधान किसी तीसरे पक्ष के बिना, सीधे सैन्य स्तर पर बातचीत से हुआ। भारत का रुख स्पष्ट है कि किसी भी तरह की बाहरी मध्यस्थता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर देश को भरोसे में लेना चाहिए।

इसके साथ ही ओवैसी ने इंदौर जल प्रदूषण हादसे को लेकर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी सुविधाएं देने में नाकाम रही है और केवल राजनीतिक कार्रवाई पर ध्यान दे रही है। उन्होंने दावा किया कि स्वच्छ पानी जैसी जरूरी सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

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