फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   As the Yogi Government comes, the future of UP slaughterhouses in danger

यदि बंद होते हैं बूचड़खाने तो यूपी को होगा सलाना 11 हजार करोड़ का नुकसान

Thu, 23 Mar 2017 01:11 PM IST
amarujala.com, presented By: मोहित
amarujala.com, presented By: मोहित Updated Thu, 23 Mar 2017 01:11 PM IST
विज्ञापन
 As the Yogi Government comes, the future of UP slaughterhouses in danger
योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने से राज्य में मौजूद बूचड़खाने से जुड़े कारोबारियों के बीच भय का माहौल है। बीजेपी ने चुनाव से पहले वादा किया था कि वह राज्य में मौजूद बूचड़खानों पर कार्रवाई  करेगी। 
विज्ञापन


जानकारों के मुताबिक, यूपी में बूचड़खानों को बंद किया जाता है तो 11 हजार 350 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का नुकसान होगा। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह सिर्फ अवैध बूचड़खानों पर ही कार्रवाई  होगी।
विज्ञापन


इकॉनोमिक्स टाइम्स से बातचीत में राज्य में मौजूद दर्जन भर से  से ज्यादा पंजीकृत बूचड़खानों के मालिकों ने बताया कि सरकार की इस निर्णय से राज्य में मीट एक्सपोर्ट का बिजनेस ठप पड़ जाएगा। साथ ही, मीट कारोबार से जुड़े तमाम लोगों की जिंदगी बूरी तरह प्रभावित होगी और करोड़ो रुपए के निवेश खराब होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

चुनावी घोषणा पत्र में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में अवैध बूचड़खानों को बंद कराने की बात कही थी

 As the Yogi Government comes, the future of UP slaughterhouses in danger
सीएम योगी आदित्यनाथ

एक वैध बूचड़खाने अल फहीम मीटेक्स के मालिक मोहम्मद इमरान याकूब ने बताया कि 'बीजेपी ने यूपी चुनाव को पहले विकास अधारित बनाया लेकिन अंत में सभी बूचड़खानों को बंद करने की बात कह ध्रुवीकरण पर उतर आई। हमें लगा था कि यह सिर्फ एक चुनावी जूमला है।' लेकिन सरकार सभी बूचड़खानों को बंद कैसे कर सकती है? हम मीट का कारोबार करते हैं न कि बीफ का।

चुनावी घोषणा पत्र में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में अवैध बूचड़खानों को बंद कराने की बात कही थी। घोषणा पत्र में वादा किया  गया था कि जिस दिन बीजेपी यूपी की सत्ता में आएगी उसी रात से बूचड़खानों को बंद करवा दिया जाएगा।' भाजपा का दावा है कि राज्य में पशुओं की संख्यां में भारी गिरावट आई है। केंद्र के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण की तरफ से यूपी के 40  वैध बूचड़खानों को लाइसेंस दिया गया है।

एक और बूचड़खाने के मालिक ने पहचान न बताने की शर्त पर इकॉनोमिक्स टाइम्स को बताया कि 'सरकार के पास इन दावों का कोई सबूत नहीं है कि पशुओं की संख्यां में गिरावट आई है।' 2007  की पशु गणना के मुकाबले 2012 में भैंसों की संख्यां में 28 प्रतिशत और गायों की संख्या में 10 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। बीफ एक्सपोर्ट देश में सबसे ज्यादा यूपी से ही होता है। ऐसे में सरकार अगर अपने वादों पर आगे बढ़ती है तो कारोबार का क्या होगा।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed