आयकर विभाग जैसे ईमेल अड्रेस वाले इन फर्जी ईमेल से रहें सावधान
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यह महीना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का है। इसी का फायदा इंटरनेट पर धोखे से शिकार करने वाले उठाने के लिए तैयार हैं। आयकर जमा करने वाले लोगों को ऐसे अड्रेस से ईमेल्स मिल रही हैं जो काफी हद तक सरकारी विभाग की तरह हैं। जिसमें लोगों से उनकी नेटबैंकिंग का विवरण देने के लिए कहा जा रहा है ताकि उन्हें रिफंड राशि मिल सके। धोखाधड़ी करने वालों का ईमेल्स का अड्रेस है- donotreply@incometaxindiafilling.gov.in जबकि असली ईमेल अड्रेस donotreply@incometaxindiaefiling.gov.in है। धोखाधड़ी वालों के अड्रेस से ई गायब है और फाइलिंग भी गलत तरीके से लिखा हुआ है।
आयकर विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा, 'हम अपनी वेबसाइट के साथ ही मैसेज के जरिए करदाताओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी को लेकर चेतावनी वाले संदेश भेजते हैं। सबसे बेहतर तरीका होता है कि इन संदिग्ध मेल्स पर प्रतिक्रिया ना दी जाए और कभी अपने बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड की जानकारी साझा ना की जाएं क्योंकि हम कभी उन्हें नहीं मांगते हैं।' हालांकि आयकर विभाग की वेबसाइट पर किसी तरह की चेतावनी नजर नहीं आई लेकिन चार्टर्ड अकाउंटेंट और टैक्स रिटर्न प्रिपेयर्स (टीआरपी) ने वाट्सएप पर चेतावनी जारी की है।
इस चेतावनी में कहा गया है, 'जिन लोगों को रिटर्न फाइल करने के बाद आय की गणना में गलती और रिफंड राशि भेजने को लेकर मेल मिल रहे हैं, उनके लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी- कृपया इस तरह के मेल को नजरअंदाज करें। ये मेल हैकर्स भेज रहे हैं। जैसे ही आप इस मेल पर क्लिक करेंगे वह सीधा आपको नेटबैंकिंग पेज पर ले जाएगा और आपने जैसे ही अपनी नेटबैंकिंग साइट को लॉग इन किया, आपका बैंक अकाउंट हैक हो जाएगा। ध्यान रखिए, आयकर विभाग आपको मिलने वाले रिफंड की जानकारी बकायदा नोटिस भेजकर देगा।'
मुंबई की टीआरपी सुषमा बंदेल्कर ने कहा, 'इस तरह की धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ोत्तरी होगी क्योंकि इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। करदाताओं को अपनी निजी जानकारी किसी भी कॉलर या ईमेल में साझा नहीं करनी चाहिए जो आयकर विभाग से होने का दावा करते हैं। यदि आपका कोई रिफंड बचा हुआ है तो आपको आयकर विभाग उसके लिए बकायदा नोटिस भेजेगा। किसी वेबसाइट या व्यक्ति को अपनी बैंक डिटेल्स, लॉगिन नेम या यूजर आईडी, क्रेडिट या डेबिट कार्ड की जानकारी और पिन नंबर ना दें।' उन्होंने बताया कि पहले भी आयकर विभाग की आड़ में फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जाता रहा है।