{"_id":"66b1e70dccbf47258206c5a7","slug":"as-bangladesh-reels-under-violence-after-sheikh-hasina-ouster-garment-industry-to-be-effected-india-opportunit-2024-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bangladesh: बांग्लादेश हिंसा के बाद भारत के कपड़ा उद्योग में आएगा बूम! क्या मिलेगा 40 करोड़ डॉलर का व्यापार?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Bangladesh: बांग्लादेश हिंसा के बाद भारत के कपड़ा उद्योग में आएगा बूम! क्या मिलेगा 40 करोड़ डॉलर का व्यापार?
Tue, 06 Aug 2024 02:34 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 06 Aug 2024 02:34 PM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग।
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
बांग्लादेश में राजनीतिक संकट गहराया हुआ हैं। इसका सबसे ज्यादा असर कपड़ा क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। लेकिन यह संकट भारत के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है। कपड़ा उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि बांग्लादेश के निर्यात में सबसे बड़ी हिस्सेदारी कपड़ा क्षेत्र की है। वहां हो रही हिंसा के चलते ये कारोबार महीनों से प्रभावित हो रहा है। लेकिन अब इसका सीधा फायदा भारत को मिलेगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय खरीदार भारत जैसे वैकल्पिक बाजार पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे।दरअसल, बांग्लादेश का हर माह कपड़े का निर्यात 3.5 से 3.8 अरब डॉलर के बीच है। इसकी यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के बाजारों में हिस्सेदारी दो अंकों में है। जबकि अमेरिका के बाजार में 10 फीसदी बाजार हिस्सेदारी है। दूसरी ओर भारत हर महीने लगभग 1.3 से 1.5 अरब डॉलर का निर्यात कर रहा है। जानकारों का कहना है कि बांग्लादेश का करीब 10 फीसदी निर्यात का कारोबार भारत के तिरुपुर जैसे केंद्रों पर ट्रांसफर होने की उम्मीद है। ऐसी स्थिति में भारत को हर माह 30 से 40 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त कारोबार मिलेगा।
भारत के कपड़े उद्योग से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल बांग्लादेश में अफरा-तफरी जैसी स्थिति हैं। कई बड़ी कंपनियों के माल की आवाजाही अटकी हुई है। कंपनियों ने क्रिसमस और नए साल के चलते अपने बड़े बड़े ऑर्डर दिए थे। हिंसा के चलते इन आर्डर पर काम नहीं हो सका है। ऐसे में कपड़ा क्षेत्र के कारोबार में भारत का फायदा होने की पूरी उम्मीद है। क्योंकि ये ऑर्डर अब भारतीय के कारोबारियों को मिलेंगे।
कपड़ा उद्योग के जानकारों का कहना है कि बांग्लादेश में हिंसा के चलते कुछ खरीदार अपने ऑर्डर भारत सहित अन्य देशों को दे सकते हैं। भारत का हर महीने कपड़ा निर्यात 1.3 से 1.5 अरब डॉलर के बीच है। भारत 30 से 40 करोड़ डॉलर के अतिरिक्त ऑर्डर को संभालने की क्षमता रखते हैं। इसके अलावा बांग्लादेश में भारतीयों के स्वामित्व वाली कई फैक्ट्रियां भी भारत स्थानांतरित हो सकती हैं। बांग्लादेश में लगभग 25 फीसदी फैक्ट्रियों का स्वामित्व भारतीयों के पास है। इनमें शाही एक्सपोर्ट्स, हाउस ऑफ पर्ल फैशन, जय जय मिल्स, टीसीएनएस, गोकादास इमेजेज और अंबत्तूर क्लोदिंग जैसी कंपनियां शामिल हैं।