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अरुणाचल प्रदेश: सियांग बांध के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के दौरान हिंसा, पुलिस स्टेशन और वाहनों में लगाई आग

Sat, 24 Oct 2026 02:30 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी एएनआई,पासीघाट
एएनआई,पासीघाट Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Sat, 24 Oct 2026 02:30 PM IST
सार

अरुणाचल प्रदेश में सियांग नदी पर प्रस्तावित मेगा बांध के विरोध में हिंसा भड़क उठी। पासीघाट में आगजनी और तोड़फोड़ हुई। प्रदर्शनकारी सर्वे रोकने, सुरक्षा बलों की वापसी और हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग कर रहे हैं।
 

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Arunachal Pradesh: Violence erupts during protests against Siang Dam; police station and vehicles set on fire
सियांग बांध के खिलाफ प्रदर्शन - फोटो : एएनआई

विस्तार

अरुणाचल प्रदेश में सियांग नदी पर प्रस्तावित एक बड़े बांध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए। पूर्वी सियांग जिले के पासीघाट में आगजनी और तोड़फोड़ की कई घटनाएं सामने आई हैं। आगजनी, तोड़फोड़ और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर हमलों की घटनाओं के बाद वहां हालात तनावपूर्ण और अस्थिर बने हुए हैं।
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घरों और रिहायशी परिसरों को आग के हवाले किया
यह हिंसा शनिवार सुबह तक जारी रही। स्थानीय मीडिया के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर विधायक निनोंग एरिंग और ओनी पान्यांग के घरों और रिहायशी परिसरों के साथ-साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष कालिंग मोयोंग की संपत्ति पर भी हमला किया।
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खबरों के अनुसार, एनएचपीसी कार्यालय, पासीघाट पुलिस स्टेशन और पुलिस के सात वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया गया। यह अशांति तब भड़की जब प्रस्तावित मेगा बांध परियोजना के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के दौरान 10 लोगों को हिरासत में लिए जाने को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी करने से स्थिति और बिगड़ गई।
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रात भर हुई इस हिंसा ने इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि 11,000-12,500 मेगावाट की इस प्रस्तावित परियोजना का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है।

लोगों का क्या आरोप है? 
इस बीच, शुक्रवार को सियांग, अपर सियांग और ईस्ट सियांग जिलों में बुलाए गए 12 घंटे के बंद के दौरान, अपर सियांग जिले के गेकू और आसपास के इलाकों में तनाव बढ़ गया। बांध का विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि गेकू के पास 'डाइट-डाइम' इलाके में सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे कई महिलाएं और अन्य ग्रामीण घायल हो गए। शुरुआती रिपोर्टों में चार महिलाओं के घायल होने की बात कही गई थी, जबकि बाद की जानकारी के अनुसार कम से कम छह महिलाएं घायल हुई हैं।

प्रदर्शनकारी की क्या मांग है?
प्रदर्शनकारी 'प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट' (संभाव्यता रिपोर्ट) के लिए किए जा रहे सर्वे को तुरंत रोकने, सियांग क्षेत्र से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को वापस बुलाने और हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग कर रहे हैं। वे प्रस्तावित बांध का भी विरोध कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि इससे उनकी पुश्तैनी जमीन, पर्यावरण और स्थानीय लोगों की आजीविका पर बुरा असर पड़ सकता है।

प्रस्तावित 'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' (जिसकी क्षमता 11,000-12,500 मेगावाट तय की गई है) का काम NHPC को सौंपा गया है। स्थानीय लोगों के एक वर्ग और वहां के मूल निवासी संगठनों की ओर से इस परियोजना का कड़ा विरोध किया जा रहा है।
 
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