अरुणाचल प्रदेश: प्रदर्शनकारियों ने फूंका उपमुख्यमंत्री का घर, कई स्थानों पर कर्फ्यू
अरुणाचल प्रदेश में प्रदर्शनकारियों ने उप मुख्यमंत्री चौना मेन के घर को फूंक दिया है। ऐसा राज्य सरकार के खिलाफ लोगों में जारी गुस्से और अशांति के कारण हुआ। चौना मेन को रविवार सुबह राज्य की राजधानी ईटीनगर से नामसाईं जिले में भेज दिया गया है। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने जिला आयुक्त के आवास पर भी आगजनी और तोड़फोड़ की। इसमें पुलिस अधीक्षक स्तर का एक अधिकारी घायल हो गया है।
विरोध का स्तर
अरुणाचल प्रदेश में शुक्रवार शाम से तनाव बना हुआ है क्योंकि पुलिस की गोलीबारी में एक शख्स की मौत हो गई थी। लोग स्थायी निवास प्रमाण पत्र (पीआरसी) जारी करने के संबंध में राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किए गए एक पैनल की सिफारिशों का विरोध कर रहे हैं। यह प्रमाण पत्र उन लोगों को जारी किए जा रहे हैं जो दशकों से राज्य में रह रहे हैं लेकिन वह वहां के मूल निवासी नहीं हैं।
शुक्रवार शाम को गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने 50 गाड़ियों को जला दिया था और 100 अन्य को नुकसान पहुंचाया था। ईटानगर में कम से कम पांच सिनेमाघरों को आग के हवाले कर दिया था। नगालैंड का एक म्यूजिक बैंड जो फिल्मोत्सव में हिस्सा लेने के लिए आया था उसपर हमला किया गया और उनकी कार और वाद्य यंत्रों में आग लगा दी गई। राज्य में बढ़ती अशांति को देखते हुए सेना को बुला लिया गया है जिसने ईटानगर में फ्लैग मार्च किया।
इसी बीच हालातों को देखते हुए एहतियात के तौर पर ईटानगर में इंटरनेट सेवाओं को बंद करके कर्फ्यू लगा दिया गया है। शनिवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के साथ बातचीत की। सिंह ने छह आदिवासी समुदायों को स्थायी निवासी प्रमाण पत्र देने के प्रस्ताव के खिलाफ राज्य के कुछ हिस्सों में चल रहे विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर अरुणाचल प्रदेश के लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की।
गृहमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी बात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य में व्याप्त स्थिति के बारे में अवगत कराया। गृह मंत्रालय ने ट्वीट किया, ‘राजनाथ सिंह ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से फोन पर बात की और राज्य के कुछ हिस्सों में चल रहे विरोध प्रदर्शन और स्थिति पर चर्चा की।’ ट्वीट में कहा गया है, ‘गृह मंत्री ने लोगों से शांत रहने और राज्य में शांति बनाये रखने का आग्रह किया है।’
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को अरुणाचल प्रदेश में पुलिस की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत पर शोक व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि राज्य में शांति लौट आएगी। गांधी ने ट्वीट किया, ‘अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में पुलिस की गोलीबारी में एक निर्दोष युवक की मौत के बारे में सुनकर मुझे दुख हुआ, जिसमें कई अन्य घायल भी हुए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘युवक के परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग शीघ्र स्वस्थ हो जाएं और अरुणाचल में शांति लौट आए।'
#WATCH Permanent residence certificate row: Violence broke out in Itanagar during protests against state’s decision to grant permanent resident certificates to non-#ArunachalPradesh Scheduled Tribes of Namsai & Chanaglang; Deputy CM Chowna Mein's private house also vandalised. pic.twitter.com/FrcmqWbL8c
— ANI (@ANI) February 24, 2019
केन्द्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कांग्रेस पर अरूणाचल प्रदेश में रह रहे छह समुदायों को स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (पीआरसी) देने के कदम के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए राज्य के लोगों को भड़काने का रविवार को आरोप लगाया। रिजिजू ने कहा कि अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार पीआरसी पर विधेयक नहीं ला रही है बल्कि नबाम रेबिया के नेतृत्व वाली संयुक्त उच्चाधिकार प्राप्त समिति की रिपोर्ट को केवल पेश किया गया है।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘इसका मतलब है कि राज्य सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया है। वास्तव में, कांग्रेस पीआरसी के लिए लड़ रही है लेकिन लोगों को गलत तरीके से उकसा रही है।’ रेबिया राज्य सरकार में एक कैबिनेट मंत्री है। रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पीआरसी के वास्ते लड़ने के लिए लेकांग क्षेत्र में गैर-अरूणाचल प्रदेश एसटीएस का समर्थन किया और ‘‘उकसाया’’ है, लेकिन ईटानगर में निर्दोष लोगों को ‘गुमराह’ किया।
उन्होंने कहा, ‘शुरू से ही मैंने राज्य सरकार से जोर देकर आग्रह किया है कि जब तक लोग स्थानीय लोगों के अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा के प्रति आश्वस्त नहीं हो जाते, हमें पीआरसी नहीं देना चाहिए। हमें एकजुट होना चाहिए।’