{"_id":"64bbdd26124b23c0c101ad7a","slug":"arunachal-pradesh-government-approves-allocation-of-two-power-projects-to-nhpc-2023-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Arunachal Pradesh: अरुणाचल प्रदेश सरकार ने दो बिजली परियोजनाओं के आवंटन को दी मंजूरी, जानें कितनी है क्षमता","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Arunachal Pradesh: अरुणाचल प्रदेश सरकार ने दो बिजली परियोजनाओं के आवंटन को दी मंजूरी, जानें कितनी है क्षमता
Sat, 22 Jul 2023 07:14 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ईटानगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ईटानगर
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 22 Jul 2023 07:14 PM IST
सार
अरुणाचल प्रदेश सरकार ने राज्य संचालित जलविद्युत दिग्गज नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (एनएचपीसी) लिमिटेड को 2,000 मेगावाट की सुबनसिरी अपर हाइड्रो परियोजना और 1,800 मेगावाट की कमला परियोजना के आवंटन को मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अरुणाचल प्रदेश को दो बिजली परियोजनाओं की सौगात मिलने जा रही है। एक अधिकारी ने शनिवार को जानकारी दी कि अरुणाचल प्रदेश सरकार ने राज्य संचालित जलविद्युत दिग्गज नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (एनएचपीसी) लिमिटेड को 2,000 मेगावाट की सुबनसिरी अपर हाइड्रो परियोजना और 1,800 मेगावाट की कमला परियोजना के आवंटन को मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन
राज्य जलविद्युत विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने शुक्रवार को एनएचपीसी को परियोजनाओं की मंजूरी की जानकारी दी। दोनों परियोजनाएं पहले निजी बिजली डेवलपर्स को आवंटित की गई थीं।
विज्ञापन
सुबनसिरी अपर परियोजना पूर्वोत्तर राज्य के ऊपरी सुबनसिरी जिले में ब्रह्मपुत्र नदी की सहायक नदी सुबनसिरी पर स्थित है, जबकि कमला परियोजना सुबनसिरी की सहायक कमला नदी पर बनाई जानी है, जो कामले जिले में स्थित है।
विज्ञापन
सुबनसिरी अपर परियोजना को केएसके एनर्जी वेंचर लिमिटेड को 18 मार्च, 2010 को आवंटित किया गया था, जबकि, कमला परियोजना को 28 अगस्त, 2009 को समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर करके जिंदल पावर लिमिटेड को पेश किया गया था।
अधिकारी ने कहा, दोनों परियोजनाओं में कोई भौतिक प्रगति नहीं हुई और बिजली डेवलपर निर्माण-पूर्व की बहुत कम गतिविधियां कर सके। वहीं अब औपचारिक एमओए हस्ताक्षर समारोह अगले महीने आयोजित किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह के भाग लेने की संभावना है।
राज्य सरकार ने अब तक विभिन्न निजी बिजली डेवलपर्स के साथ 44 समझौता ज्ञापन (एमओए) को समाप्त कर दिया है क्योंकि उन्होंने उन्हें आवंटित परियोजनाओं को निष्पादित करने में कम रुचि दिखाई। जिन परियोजनाओं को निजी डेवलपर्स से वापस ले लिया गया है, उन्हें केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (सीपीएसयू) को सौंप दिया जाएगा और तदनुसार, नए एमओए पर जल्द ही हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसकी जानकारी खुद उपमुख्यमंत्री चौना मीन ने दी जिनके पास बिजली विभाग भी है।
सीएम मीन ने कहा कि आवंटन के बाद, विभिन्न कारणों से कई परियोजनाओं में प्रगति नहीं हो सकी। संबंधित निजी डेवलपर्स को कई नोटिस देने के बावजूद, वे परियोजनाओं को निष्पादित करने के इच्छुक नहीं थे, जिसके लिए 44 एमओए को समाप्त कर दिया गया है।