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Hindi News ›   India News ›   Arunachal Pradesh: CM Pema Khandu inaugurated Kameng Cultural and Heritage Museum

अरुणाचल प्रदेशः सीएम पेमा खांडू ने कमेंग सांस्कृतिक और विरासत संग्रहालय का किया उद्घाटन, धरोहर होंगे संरक्षित

Wed, 23 Oct 2024 08:59 PM IST
N Arjun एन अर्जुन
Updated Wed, 23 Oct 2024 08:59 PM IST
सार

ये अत्याधुनिक संग्रहालय, भारतीय सेना और स्थानीय समुदाय का एक सहयोगात्मक प्रयास, सभी समुदायों की सांस्कृतिक और धार्मिक कड़ियों को एकत्रित करेगा, जिसमें अरुणाचल प्रदेश की सभी भौतिक ऐतिहासिक, धार्मिक, पुरातात्विक और जातीय पहलुओं को शामिल किया गया है।

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Arunachal Pradesh: CM Pema Khandu inaugurated Kameng Cultural and Heritage Museum
कमेंग सांस्कृतिक और विरासत संग्रहालय का उद्घाटन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बुधवार को पश्चिम कमेंग जिले के न्युकमादुंग में कमेंग सांस्कृतिक और विरासत संग्रहालय का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्राचीन ग्रंथों जैसे 'कालिका पुराण' और 'महाभारत' का उल्लेख करते हुए क्षेत्र की गहन सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक महत्वता को उजागर किया। उन्होंने कमेंग संग्रहालय को अतीत को संजोने और भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए एक महत्वपूर्ण संस्था बताया।

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सीएम पेमा खांडू ने भारतीय सेना की प्रशंसा की
गुवाहाटी में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि सीएम पेमा खांडू ने भारतीय सेना की प्रशंसा की। उन्होंने संग्रहालय की स्थापना में मदद की और राज्य के कई हिस्सों में सद्भावना परियोजनाओं के माध्यम से सीमाई क्षेत्र के विकास में योगदान दिया। इस मौके पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश पासवान ने सेना के नागरिक-सेना सहयोग और क्षेत्रीय विकास में योगदान की सराहना की। उन्होंने संग्रहालय की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया, जो अरुणाचल प्रदेश के लोगों की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने में मदद करेगा।
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'सांस्कृतिक और धार्मिक कड़ियों को करेगा एकत्रित'
गजराज कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह ने सुरक्षा के साथ-साथ सीमा क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास के प्रति सेना की प्रतिबद्धता को दोहराया। यह अत्याधुनिक संग्रहालय, भारतीय सेना और स्थानीय समुदाय का एक सहयोगात्मक प्रयास, सभी समुदायों की सांस्कृतिक और धार्मिक कड़ियों को एकत्रित करेगा, जिसमें अरुणाचल प्रदेश की सभी भौतिक ऐतिहासिक, धार्मिक, पुरातात्विक और जातीय पहलुओं को शामिल किया गया है।
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शोधकर्ताओं और पर्यटकों को आकर्षित करेगा
लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने कहा कि यह संग्रहालय जीवंत गांव कार्यक्रम (वीवीपी) के तहत शांति, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता का सांस्कृतिक प्रकाशस्तंभ बनेगा। यह संग्रहालय, जो एक सामुदायिक-प्रेरित और सामुदायिक-केंद्रित परियोजना है, जिसमें भूमि का स्वैच्छिक दान शामिल है, में 343 पारंपरिक धरोहरों का संग्रह है, जो नवपाषाण काल से संबंधित है। यह एक प्रमुख शैक्षिक और सांस्कृतिक केंद्र बनने की उम्मीद है, जो दुनिया भर के विद्वानों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों को आकर्षित करेगा।


'पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एक आदर्श गंतव्य'
कलाकृतियों के अलावा, लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि संग्रहालय में एक आधुनिक फिल्म हॉल, एक स्मारिका दुकान, एक कैफेटेरिया, और बच्चों का पार्क, पर्यटन सुविधा केंद्र और अस्थायी आपात चिकित्सा व्यवस्था है, जिससे यह पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एक आदर्श गंतव्य बनता है। इस अवसर पर ब्लेजिंग स्वॉर्ड डिवीजन के मेजर जनरल नीरज शुक्ला, दीरिंग के विधायक फुरप त्सेरिंग, दीरिंग मठ के लामा और स्कूल के बच्चे और पर्यटक उपस्थित थे।
 

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